Sunday, March 8, 2026
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उत्तराखंड भोजन माता विवाद सुलझाने में जुटे अधिकारी, जांच के साथ ही अब उठाया यह कदम

चम्पावत : उत्तराखंड के चम्पावत जिले के जीआइसी सूखीढांग इंटर कॉलेज में भोजन माता की नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद लगभग सुलझ चुका है। मामले की जांच कमेटी एक ओर तफ्तीश में जुटी है। वहीं दूसरी ओर सोमवार को समरसता का माहौल देखने को मिला। विद्यालय में अध्ययनरत सभी वर्ग के बच्चों ने एक साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया। इस दौरान अधिकारियों में सीईओ, बीईओ तथा एपीडी ने भी बच्चों के साथ बैठकर खाना खाया।

मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी पुरोहित के नेतृत्व में उप खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट और एपीडी विम्मी जोशी की टीम मामले की जांच के लिए सोमवार को विद्यालय पहुंची। दोपहर में सभी अधिकारियों ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया। कक्षा छह से आठ तक उपस्थित 66 में से 61 बच्चों ने एक साथ बैठक भोजन माता विमला उप्रेती के हाथ से बना खाना खाया। जबकि पांच बच्चे स्कूल नहीं आए थे। अनुसूचित जाति के कुछ बच्चे घर से बना खाना लाए थे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें भी समझा बुझाकर स्कूल में बना खाना खिलवाया। बीते गुरुवार और शुक्रवार को एससी वर्ग के बच्चों ने स्कूल में सामान्य वर्ग की भोजन माता के हाथ से बना खाना नहीं खाया था। इसे एससी वर्ग की भोजन माता सुनीता देवी की नियुक्ति के बाद सामान्य वर्ग के बच्चों द्वारा भोजन ग्रहण न करने की प्रतिक्रिया बताया गया।

25 दिसंबर को डीएम के निर्देश के बाद टनकपुर के एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के नेतृत्व में पहुंचे सीईओ आरसी पुरोहित, सीओ अशोक कुमार आदि अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों की बैठक लेकर इस विवाद को सुलझा लिया था। दोनों पक्ष जातिवाद की भावना को त्यागकर विद्यालय विकास एवं बच्चों के हित में कार्य करने पर सहमत हुए थे। सोमवार को विद्यालय में दिखा समरसता का माहौल इसी बैठक का नतीजा था। इधर उसी बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार मुख्य शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में विद्यालय पहुंची टीम ने भोजन माता की नियुक्ति में तकनीकि खामियों की जांच भी शुरू कर दी है।

मुख्य शिक्षाधिकारी अारसी पुरोहित ने बताया कि सोमवार को इंटर कॉलेज सूखीढांग में एससी एवं सामान्य वर्ग के सभी बच्चों ने एक साथ बैठकर सामान्य वर्ग की भोजन माताकेहाथ से बना खाना खाया। यह काफी सुखद है। उम्मीद है कि लोग गलत फहमी से पैदा हुए जातिवाद को भूलकर विद्यालय और छात्र हित में काम करेंगे। उनके नेतृत्व में बनी कमेटी ने भोजन माता की नियुक्ति में तकनीकि खामियों की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।

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