Tuesday, March 10, 2026
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उत्तराखंड में कल से सुचारू हो जाएंगी रोडवेज बस सेवा, इन 14 रूटों पर रोकी गई थी सेवाएं

देहरादून। चुनाव में रोडवेज की करीब 300 बसों के अधिग्रहण के कारण यात्रियों को हो रही परेशानी कल यानी गुरुवार से दूर हो सकती है। परिवहन निगम प्रबंधन का दावा है कि बुधवार तक सभी बसें वापस आ जाएंगी और गुरुवार से उन समस्त मार्गों पर बसों का संचालन फिर से सुचारू हो जाएगा, जहां अधिग्रहण के चलते बस सेवाएं रोकी गई थी। बताया जा रहा कि करीब 200 बसें मंगलवार रात तक चुनाव डयूटी से लौट आई हैं, जबकि बाकी अगले दो दिन में लौट आएंगी।

आम चुनाव में अर्ध सैनिक व सशस्त्र बलों की डयूटी के लिए रोडवेज बसों को अधिग्रहित किया गया था। इसके साथ ही कुछ पर्वतीय मार्गों पर पोलिंग पार्टी डयूटी में भी रोडवेज बसें लगाई गई थी, जिसके चलते कुछ मार्गों पर बसों की सेवाएं बंद कर दी गई थी। गत आठ फरवरी से लेकर 16 फरवरी तक इन बसों को अधिग्रहित किया गया था। बसों के चुनाव ड्यूटी में लगाने से संचालन पर असर पड़ा था। पर्वतीय मार्गों पर बसों के बाद यात्रियों के लिए मैक्सी कैब एकमात्र सहारा हैं लेकिन चुनाव में बड़ी संख्या में मैक्सी-कैब का भी अधिग्रहण हुआ था। ऐसे में पिछले सप्ताह सभी पर्वतीय मार्गों पर परिवहन व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई रही। अब यह स्थिति सुधरती नजर आ रही है। महाप्रबंधक दीपक जैन ने बताया कि बसें वापस आनी शुरू हो गई हैं। गुरुवार से सभी सेवाएं सुचारू हो जाएंगी।

इन 14 रूटों पर रोकी गई थी सेवाएं

देहरादून-कथियान, देहरादून-लैंसडोन, देहरादून-भोरगांव, देहरादून-पौड़ी, देहरादून-कैराड़, देहरादून-देवलकोट, हापला-पोखरी, देहरादून-जखोल, आराकोट-जोठाड़ी, हनोल-त्यूणी, देहरादून-तिलवाड़ा, देहरादून-सहिया, देहरादून-कालसी व देहरादून-मसूरी।

दिल्ली रूट हुआ सुचारू

दिल्ली मार्ग की ज्यादातर बसें वापस आने से मंगलवार की रात से यह मार्ग सुचारू हो गया। दिल्ली के अलावा लंबी दूरी के उन सभी मार्गों पर बस सेवाएं बुधवार से शुरू हो जाएंगी, जहां बसों की कमी के कारण फेरे कम किए गए थे।

रोडवेज को हर रोज हुआ 60 लाख का नुकसान

300 बसें अधिग्रहित होने से रोडवेज को हर दिन करीब 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ। 300 बसें मार्गों पर संचालित न होने से रोडवेज की प्रतिदिन कमाई डेढ़ करोड़ से घटकर 90 लाख रुपये रह गई। रोडवेज में पहले ही वेतन के लाले पड़े हुए थे और दिसंबर से वेतन नहीं मिला है। अब रोजाना 60 लाख का नुकसान होने से वेतन जल्दी मिल पाना मुमकिन नहीं लग रहा।

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