Sunday, March 8, 2026
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एनआइटी के स्थायी परिसर की स्थापना को 909.85 करोड़ की मंजूरी

देहरादून। एनआइटी सुमाड़ी को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की पहल अब अंजाम तक पहुंचने जा रही है। मंत्रालय ने एनआइटी के स्थायी परिसर की स्थापना को 909.85 करोड़ के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी।

मंत्रालय ने एनआइटी उत्तराखंड के निदेशक को पत्र भेजकर पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड में संशोधित लागत प्रस्ताव को स्वीकृति की जानकारी दी। वर्ष 2009 में केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना के लिए 300 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि 909.85 करोड़ रुपये की कुल संशोधित परियोजना लागत में से स्थायी कैंपस के लिए 831.04 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। 1260 छात्र क्षमता के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए प्रस्तावित निर्माण क्षेत्र करीब 90450 वर्गमीटर है। उत्कृष्ट शिक्षाविदों और अत्याधुनिक अनुसंधान वातावरण को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से आवासीय परिसर को सक्षम किए जाने पर जोर दिया गया है।

इसके अलावा श्रीनगर गढ़वाल में मौजूदा अस्थायी परिसर में हॉस्टल, लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं के उन्नयन के लिए 78.81 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। आईटीआई और रेशम फार्म भूमि हाल ही में राज्य सरकार ने संस्थान को हस्तातरित की है। भविष्य में इस परिसर का उपयोग हिमालय के पर्यावरणीय स्थिरता केंद्र के रूप में किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बुनियादी ढाचे का उपयोग अतिरिक्त पीजी पाठ्यक्रमों एमबीए, एमएससी आदि के संचालन के लिए भी किया जाएगा। अन्य महत्वपूर्ण संस्थागत गतिविधिया जैसे प्लेसमेंट ड्राइव, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, कार्यशालाएं आदि के लिए किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जताया प्रधानमंत्री व मानव संसाधन मंत्री का आभार

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सुमाड़ी में एनआइटी के स्थायी कैंपस के लिए 909.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने व्यय पर संस्थान के लिए बिजली व पानी की व्यवस्था और सड़क का निर्माण करेगी। प्रदेशवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। एनआइटी के स्थायी कैंपस के निर्माण से प्रदेश में क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही क्षेत्रवासियों की आर्थिकी भी मजबूत होगी।

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने भी प्रसन्नता जताते हुए प्रधानमंत्री, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री और मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और वह स्वयं भी इसके लिए प्रयासरत रहे। अब संस्थान के लिए धनराशि की मंजूरी से राज्य की बड़ी मांग पूरी हुई है। कुल 909.85 करोड़ रुपये में से 78.81 करोड़ रुपये वर्तमान के अस्थायी कैंपस के सुदृढ़ीकरण के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

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