देहरादून। प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली को अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कीइंग एवं टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार नई योजना पर कार्य कर रही है। इसके तहत औली से गौरसो तक चेयर कार रोपवे का निर्माण किया जाएगा। साथ ही औली की ढलानों को आधुनिक सुविधाओं के साथ स्कीइंग के लिए विकसित किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार पर्वतमाला मिशन पर तेजी से काम कर रही है। केंद्र सरकार की एजेंसी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) द्वारा पहले चरण में सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब रोपवे की डीपीआर तैयार कर कार्य आवंटित कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर (नैनीताल), कनकचौरी से कार्तिक स्वामी और रैथल–बारसू से बरनाला (उत्तरकाशी) रोपवे की डीपीआर तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि जोशीमठ भू-धंसाव के कारण जोशीमठ–औली रोपवे को नुकसान पहुंचा था, जिसे अब नई तकनीक के साथ पुनर्निर्मित किया जाएगा।
औली से आगे गौरसो की चोटी तक प्रस्तावित चेयर कार रोपवे के लिए पूर्व में ब्रिडकुल द्वारा डीपीआर तैयार की गई थी, लेकिन अब एनएचएलएमएल के माध्यम से डीपीआर को अंतिम रूप दिया जाएगा। ब्रिडकुल की डीपीआर के आधार पर ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
पर्यटन सचिव ने बताया कि पर्वतमाला मिशन के अंतर्गत प्रदेश में पर्यटन व धार्मिक स्थलों के लिए कुल 50 रोपवे प्रस्तावित हैं, जिनमें से पहले चरण में छह रोपवे को प्राथमिकता दी गई है। केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे का निर्माण पीपीपी मोड पर एनएचएलएमएल के सहयोग से अदाणी एंटरप्राइजेज द्वारा किया जाएगा। इन रोपवे के निर्माण से श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
औली–गौरसो चेयर कार रोपवे के बनने से स्कीइंग के लिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को गौरसो तक पहुंचने में आसानी होगी और औली को वैश्विक पहचान दिलाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

