Tuesday, March 10, 2026
Homeराज्यउत्तराखण्डकोरोना से लड़ाई के लिए विधायकों को दिए गए हैं एक-एक करोड़,...

कोरोना से लड़ाई के लिए विधायकों को दिए गए हैं एक-एक करोड़, धनराशि के उपयोग में लोगों ने दिए सुझाव

कोरोना से लड़ाई के लिए सरकार ने विधायकों को एक-एक करोड़ रुपये का इस्तेमाल करने की छूट दी है। लोगों ने इस मुश्किल वक्त में धनराशि के उपयोग में अपने सुझाव दिए हैं। अधिकतर लोगों ने अस्पतालों में जीवन बचाने के लिए जरूरी संसाधन जुटाने और सुविधाओं पर खर्च करने पर जोर दिया है।वहीं, कुछ लोगों ने जरूरतमंदों को राशन, रोजगार, ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने की वकालत की है। कोविड के लिए मिली धनराशि का इस्तेमाल विधायकों को कोविड अस्पताल तैयार करने में करना चाहिए। अपने क्षेत्र के स्कूलों और होटलों को अस्थाई अस्पताल बनाया जाए।

प्रेमनगर अस्पताल में कोरोना जांच और उपचार की सुविधा शुरू होनी चाहिए। विधायक को निधि का इस्तेमाल इस अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने पर करना चाहिए।
-सूरज बिष्ट, हिल व्यू कॉलोनी

हर विधायक को अपने-अपने क्षेत्र में सैनिटाइजेशन करवाना चाहिए। लोगों को बीमारी से बचाने के लिए भी निधि का इस्तेमाल होना चाहिए।
-अर्चना सिंघल, नेताजी स्ट्रीट

विधायकों को शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। इससे शहर के अस्पतालों पर कोरोना मरीजों का दबाव भी कम होगा।
-एसएस राणा, पूर्व चीफ पीटीआई, एलबीएस मसूरी

पीएचसी और सीएचसी में भी ऑक्सीजन बेड की सुविधा दी जाए ताकि इमरजेंसी में मरीजों को उपचार मिल सके। बड़े अस्पतालों पर दबाव भी कुछ कम होगा।
-प्रदीप कुमार शुक्ला, देहरादून

विधायक निधि का इस्तेमाल आम लोगों को सुविधा देने के लिए होना चाहिए। सस्ती लोकप्रियता या राजनीतिक मंशा के लिए यह पैसा खर्च न किया जाए।
-कर्नल प्रेम तोमर, डिफेंस कॉलोनी

इस धनराशि की मदद से फर्स्ट एड बेड तैयार किए जाएं। इसमें कैंट क्षेत्र से सेना की मदद ली जा सकती है। इससे  इमरजेंसी में मरीजों को उपचार मिल सकेगा।
-विवेक सकलानी, टी एस्टेट, बंजारावाला

विधायक निधि का एक हिस्सा सभी कार्यालयों में ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाने पर खर्च किया जाए। पौधरोपण को बढ़ावा देने पर भी पैसा खर्च किया जाए।
-डॉ. शिवनाथ मिश्रा, निरंजनपुर

अभी अस्पतालों में प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की कमी है। स्टाफ भर्ती करने, सुविधाएं और संसाधन बढ़ाने व जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए।
-सर्वेश चंद्र कुकरेती, ईसी रोड

अभी सभी जगह ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा जरूरत है। सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएं ताकि मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े।
-ललित गर्ग, मोहकमपुर

सैनिटाइजेशन को लेकर सबका ध्यान सिर्फ शहरी इलाके और बड़े मोहल्लों पर है। ग्रामीण इलाकों और छोटो-छोटे गली-मोहल्लों को भी सैनिटाइज किया जाए।
-सुरेंद्र सती, झिवरहेड़ी

विधायक निधि से कोरोना रोकथाम और उपचार के लिए जरूरी सामान खरीदा जाए। सभी अधिकारियों के आपसी समन्वय से इसे खर्च किया जाए।
-संदीप पुष्पवाण, प्रधान, किमाणा ऊखीमठ

विधायक निधि का 50 फीसदी सीएम राहत कोष में जमा होना चाहिए। शेष 50 फीसदी डीएम और सीएमओ की सलाह पर जरूरत पर खर्च किया जाए।
-कर्नल मोहन सिंह बिष्ट (सेनि), पंडितवाड़ी

सभी विधायकों की निधि मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा होनी चाहिए। मुख्यमंत्री सभी क्षेत्रों की जरूरत के मुताबिक इस धनराशि का कोरोना से लड़ने में उपयोग करें।
-वीके ध्यानी, नालापानी रोड

इस धनराशि से होम आइसोलेशन मेडिसिन किट, डोर टु डोर टीकाकरण व जांच के लिए मोबाइल वैन और विस्तृत सैनिजाइजेशन की व्यवस्था होनी चाहिए।
-दीपिका शर्मा, लाडपुर

सभी विधायकों को चार-पांच एंबुलेंस की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके अलावा मरीजों का उपचार कर रहे अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने पर धनराशि खर्च होनी चाहिए।
-संगीता, सिनौला मालसी

विधायक निधि का इस्तेमाल प्रवासियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने और खाने-पीने की व्यवस्था पर होना चाहिए। सभी कोरोना मरीजों का उपचार निशुल्क होना चाहिए।
-सिमरन अग्रवाल, छात्रा

विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में जांच, टीकाकरण और उपचार की सुविधा युक्त मोबाइल वैन की व्यवस्था होनी चाहिए। जरूरत के समय मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।
-सुबोध कुमार, तपोवन एनक्लेव

मरीजों को घर पर जांच की सुविधा दी जानी चाहिए। इसके अलावा टीकाकरण और उपचार की व्यवस्था बेहतर हो। ऑक्सीजन और बेड का संकट दूर करने पर खर्च हो।
-रश्मि, पारस विहार

विधायक निधि का इस्तेमाल ऑक्सीजन प्लांट लगाने पर होना चाहिए। जितनेज्यादा ऑक्सीजन प्लांट होंगे लोगों को उतनी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
-विजय स्नेही,प्लीजेंट वैली, राजपुर

विधायक निधि का उपयोग लोगों की मानसिक स्थिति को मजबूत करने के लिए काउंसिलिंग पर भी होना चाहिए। इससे लोग जल्दी इस बीमारी के डर से निकल पाएंगे।
– डॉपवन शर्मा, फोरगिवनेस फाउंडेशन

प्रत्येक विधायक को अपने-अपने क्षेत्र में कोविड रोकथाम के लिए यह धनराशि थाना-चौकी प्रभारी को उपलब्ध करानी चाहिए। विस्तृत प्लान के साथ कोरोना रोकने की दिशा में काम हो।
-मोहन सिंह रावत, सुंन्दरवाला

कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों का उनके परिजनों को समय-समय पर हाल बताया जाना चाहिए। इसके लिए विधायक निधि में कुछ व्यवस्था की जा सकती है।
-सतीश आजाद, चुक्खूवाला

इस धनराशि का उपयोग पर्यटन व्यवसायियों को हुए नुकसान की भरपाई में होना चाहिए। पर्यटन कारोबार ठप होने से सैकड़ों लोगों के सामने दो जून की रोटी का संकट पैदा हो गया है।
-सचिन पंवार, बंजारावाला

कोविड टीकाकरण केंद्र और अस्पतालों के बाहर लोगों को गर्मी से बचाने के लिए शेड या टेंट की व्यवस्था होनी चाहिए। विधायक निधि से इसकी व्यवस्था बनाई जा सकती है।
-मनमोहन चमोली, मनोनीत पार्षद, तुंतोवाला

एक करोड़ रुपये से कई अस्पतालों को ऑक्सीजन पहुंचाई जा सकती है। इसके अलावा जरूरतमंदों के लिए राशन की व्यवस्था पर भी खर्च होना चाहिए।
-आयुष ध्यानी, चुक्खूवाला

सभी विधायकों को एकजुट होकर निधि का इस्तेमाल सुविधाओं युक्त कोविड अस्पताल बनाने में करना चाहिए। शहर में कई अन्य छोटे कोविड अस्पताल व केयर सेंटर भी बनाए जाएं।
-एनके अग्रवाल, कर्जन रोड

इस वक्त लोगों को शव वाहन के लिए भी बहुत ज्यादा परेशान होना पड़ रहा है। मेरा सुझाव है कि विधायक निधि का एक हिस्सा इस पर खर्च किया जाए, जिससे लोगों को राहत मिले।
-सोमपाल सिंह, करनपुर

प्रत्येक विधानसभा में सामुदायिक भवन या पंचायत घर में 20 बेड का आईसीयू बनाया जाए। इससे इमरजेंसी में मरीज को भर्ती कराया जा सके। यहां डॉक्टरों की व्यवस्था भी की जाए।
-सुनील नौटियाल, ट्रांसपोर्ट नगर

ऑक्सीजन सिलिंडर और अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। अभी लोग इमरजेंसी में अपने मरीज को लेकर एक से दूसरे अस्पताल में भटक रहे हैं। यह बंद होना चाहिए।
-आयुष चमोली, अधोईवाला

सरकारी अस्पतालों में भी प्राइवेट अस्पतालों की तरह सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। इसके अलावा सेवा का स्तर भी सुधारा जाए। इससे मरीजों को अनावश्यक प्राइवेट अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।
-केदार सिंह, टिहरी गढ़वाल

इस वक्त तमाम वेडिंग प्वाइंट्स, धर्मशाला, सामुदायिक भवनों और सरकारी परिसरों में कोविड केयर सेंटर बनाने की जरूरत है। यहां ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीज बचाए जा सकें।
-शैलेंद्र धमीजा, इंदिरा नगर

विधायकों को ऑक्सीजन, अस्थाई अस्पताल, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू पर अपनी निधि खर्च करनी चाहिए। इस वक्त सबसे ज्यादा इन्हीं चीजों की जरूरत है।
-सुरेश कुमार, गोविंदगढ़

कोरोना पीड़ितों के लिए ऑक्सीजन खरीदने पर इस पैसे का इस्तेमाल होना चाहिए। विधायक सुनिश्चित करें कि ऑक्सीजन की कमी से किसी भी व्यक्ति की मौत न हो।
-रामचंद्र नौटियाल, विकास लोक

इस धनराशि का इस्तेमाल तुरंत अस्थाई अस्पताल बनाने पर होना चाहिए। कोरोना से बचाव और उपचार के लिए जिन चीजों की जरूरत है, वह सभी तुरंत खरीदी जाएं।
-हरीश चंद्र कुकरेती, चिन्याली, उत्तरकाशी

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आईसीयू, ऑक्सीजन बेड और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं बढ़नी चाहिए। इससे बड़े अस्पतालों पर दबाव कम होगा। उन क्षेत्रों के लोगों को भी उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
-जगमोहन नेगी, प्रदेश अध्यक्ष, राज्य आंदोलनकारी मंच

इस धनराशि का इस्तेमाल जांच की व्यवस्था बेहतर बनाने पर होना चाहिए। जब जांच ठीक से होगी तभी बीमारी का अच्छे से इलाज भी हो सकेगा। जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए।
-अभिनव नायक, करनपुर

उत्तराखंड सरकार पर बहुत अधिक कर्ज है। कर्मचारियों की तनख्वाह और पेंशन देने तक के लिए कर्ज लेना पड़ता है। यह धनराशि उस कर्ज को चुकाने में खर्च होनी चाहिए।
-अनिल बरगली, देहरादून

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments