आपदा संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने शुक्रवार को जजरेट क्षेत्र में रॉक फाल बैरियर निर्माण की मौके पर ही अनुमति दे दी। डीएम ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के अनुसार कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत शुरू किया जाए।
इस मौके पर डीएम ने ध्वेरा, जड़वाला और हईया क्षेत्रों के सुधारीकरण के भी निर्देश दिए और इन क्षेत्रों के लिए मौके पर ही ₹10 लाख की धनराशि आपदा मदद से स्वीकृत की।
इसके अलावा, डीएम ने ग्राम पंचायत बमराड़ के अंतर्गत आने वाले पाटा गांव का भी दौरा किया, जहां हाल ही में भू-धसाव की घटनाएं सामने आई हैं। मौके की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने भू-गर्भीय (जियोलॉजिकल) सर्वेक्षण के निर्देश जारी किए हैं, जिससे जमीन की स्थिरता और धसाव के कारणों का विस्तृत अध्ययन किया जा सके।
डीएम ने यह भी बताया कि पाटा गांव के लिए विशेष ट्रीटमेंट प्लान तैयार किया जाएगा, ताकि आगे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। साथ ही, ज़रूरत पड़ने पर स्थानीय लोगों के पुनर्वास का भी “बी प्लान” तैयार रखा गया है।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
डीएम ने साफ किया कि प्रशासन किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि राहत और सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

