देहरादून: राजधानी देहरादून और आसपास के इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नदियों के उफान और मलबे की चपेट में आने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 लोग अभी भी लापता हैं। प्रशासन और राहत दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
भारी आपदा के चलते मसूरी, सहस्रधारा और विकासनगर क्षेत्रों का देहरादून से सीधा संपर्क कट गया है। सड़कों पर मलबा और टूटे हुए पुल आवागमन में बड़ी बाधा बन गए हैं। रायपुर क्षेत्र के सौड़ा सरोली और गुलरघाटी में सोंग नदी से दो शव बरामद हुए हैं, जो पानी के तेज बहाव में बहकर आए थे।
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए देहरादून और नैनीताल जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है, और कहीं-कहीं भारी वर्षा की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और नदी-नालों से दूर रहें।
जल संस्थान को करोड़ों का नुकसान, दो लाख से अधिक लोग जलसंकट की चपेट में
देहरादून में अतिवृष्टि के चलते कई जगहों पर पेयजल लाइनें टूट गई हैं, जिससे दो लाख से अधिक लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जल संस्थान के अनुसार, मंगलवार को टैंकरों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में पानी पहुंचाया गया, और लाइनें जोड़ने के लिए अस्थायी व्यवस्था की जा रही है।
छह घंटे की बारिश ने दिए 100 करोड़ से ज्यादा के जख्म
राज्य की अस्थायी राजधानी देहरादून को सिर्फ छह घंटे की बारिश ने 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया है। बिजली, पानी की आपूर्ति, सड़कों की हालत, मकानों और दुकानों को भारी नुकसान हुआ है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है और मरम्मत कार्य लगातार जारी है।
प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन दल, एनडीआरएफ और पुलिस के साथ-साथ स्थानीय लोग भी राहत कार्यों में जुटे हैं।
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। नदियों के किनारे, कमजोर पहाड़ियों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है।

