Saturday, March 7, 2026
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रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में होंगी प्रवासी पंचायतें, ग्रामीण आजीविका पर सरकार का फोकस

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पलायन की समस्या उत्तराखंड के लिए लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन पिछले चार–पांच वर्षों में राज्य सरकार ने रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने की दिशा में कई ठोस और प्रभावी कदम उठाए हैं।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग, उत्तराखंड की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए सरकार अनेक योजनाओं पर कार्य कर रही है। इन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को ऋण पर अनुदान (सब्सिडी) दी जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जाए, जिसमें देश-विदेश में कार्यरत प्रवासियों को आमंत्रित कर रिवर्स पलायन से जुड़ी सरकारी पहलों की जानकारी दी जाए और उनके सुझाव भी लिए जाएं। उन्होंने आयोग के सदस्यों से अन्य राज्यों में जाकर पलायन रोकने और रिवर्स पलायन से जुड़े नवाचारों का अध्ययन करने को भी कहा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि त्रियुगीनारायण की तर्ज पर प्रदेश के 25 नए स्थलों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्थलों पर सभी मूलभूत सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए लघु उद्योगों के संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी ने बताया कि राज्य के ग्रामीण इलाकों में रिवर्स पलायन के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक करीब 6282 लोग अपने गांवों में वापस लौट चुके हैं, जिनमें देश और विदेश से लौटे लोग शामिल हैं। अधिकतर लोग पर्यटन और लघु उद्योगों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

बैठक में आयोग के सदस्यों ने रिवर्स पलायन को और गति देने के लिए कई रचनात्मक सुझाव भी प्रस्तुत किए। बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, अपर सचिव अनुराधा पाल, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, चंद्र सिंह धर्मशक्तू, संतोष बडोनी, सुरेश जोशी सहित आयोग के सदस्य अनिल सिंह शाही, दिनेश रावत, सुरेश सुयाल, राम प्रकाश पैन्यूली और रंजना रावत उपस्थित रहे।

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