देहरादून। जनहित और सार्वजनिक यातायात की सुचारु व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर लैंसडाउन चौक के समीप रेंजर्स ग्राउंड में लगने वाले रविवार साप्ताहिक (संडे) बाजार को शहर से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है। अब यह बाजार आईएसबीटी, देहरादून के समीप उत्तराखंड मेट्रो रेल शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम लिमिटेड की भूमि पर संचालित किया जाएगा।
जिला प्रशासन का कहना है कि रेंजर्स ग्राउंड में प्रत्येक रविवार संडे बाजार लगने से भारी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही होती थी। अव्यवस्थित पार्किंग के कारण लैंसडाउन चौक, दर्शनलाल चौक, बुद्धा चौक, दून अस्पताल चौक और आसपास के क्षेत्रों में गंभीर यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। इसका सीधा असर आम नागरिकों के साथ-साथ दून मेडिकल कॉलेज, दून अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों, उनके परिजनों और एंबुलेंस जैसी आकस्मिक सेवाओं पर पड़ रहा था।
बुजुर्गों, बच्चों और आपातकालीन सेवाओं में आ रही लगातार बाधाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए संडे बाजार को अन्यत्र स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। रेंजर्स ग्राउंड के आसपास प्रमुख मार्ग, तिराहे, चौराहे और कई महत्वपूर्ण कार्यालय स्थित होने के कारण बाजार के चलते यातायात अवरोध और अधिक गंभीर हो रहा था।
रविवार वीकली बाजार कल्याण समिति द्वारा भी रेंजर्स ग्राउंड में संचालित संडे बाजार को निरस्त कर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया था। इस संबंध में आयोजित बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद जिलाधिकारी ने लोकहित में रेंजर्स ग्राउंड में रविवार साप्ताहिक बाजार के संचालन पर रोक लगाने और इसे आईएसबीटी के समीप स्थानांतरित करने के निर्देश जारी किए।
जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार रविवार साप्ताहिक बाजार अब आईएसबीटी, देहरादून के पास स्थित उत्तराखंड मेट्रो रेल शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम लिमिटेड की उस भूमि पर लगाया जाएगा, जो 2 मार्च 2023 के शासनादेश के तहत मेट्रो (नियो) परियोजना के लिए लीज पर दी गई है और वर्तमान में खाली है तथा एमडीडीए के कब्जे और नियंत्रण में है।
यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक उक्त भूमि पर मेट्रो परियोजना से संबंधित वास्तविक कार्य प्रारंभ नहीं हो जाता। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पूरी तरह लोकहित, यातायात सुगमता और आवश्यक सेवाओं के निर्बाध संचालन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

