Sunday, March 8, 2026
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शीशमबाड़ा स्थित प्लांट शिफ्ट करने की मांग लेकर विधायक पहुंचे महापौर के पास

देहरादून। नगर निगम के शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के विरोध में सेलाकुई क्षेत्र में फैलते जनाक्रोश के मद्देनजर सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने सोमवार को महापौर सुनील उनियाल गामा से मुलाकात की। विधायक ने प्लांट को तत्काल दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की। विधायक ने सहसपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े निगम के वार्डों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने की शिकायत भी की। महापौर ने स्वास्थ्य अधिकारी को सफाई की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

शीशमबाड़ा में प्लांट की अव्यवस्थाओं की वजह से उठ रही दुर्गंध से आसपास के हजारों ग्रामीणों का सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। हालात ये हैं कि, प्लांट से उठ रही दुर्गंध और इससे संक्रमण के खतरे को देखते हुए उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस भेजा हुआ है।

यह पूछा गया है कि बोर्ड की ओर से दुर्गंध को रोकने के लिए क्या प्रयास किए गए। प्लांट से उठ रही दुर्गंध से वहां का जन-जीवन प्रभावित हुआ है। आरोप है कि नजदीक के सभी शिक्षण संस्थानों में बच्चे मॉस्क लगा पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों को कक्षा के अंदर सांस लेने में भी परेशानी हो रही। आरोप है कि दुर्गंध की वजह से कई बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। बीते दिनों इसी विरोध में प्लांट के बाहर आगजनी हुई थी। जिसके बाद डीएम को वहां धारा-144 लागू करनी पड़ी। इसके अलावा प्लांट बिना एनओसी संचालित हो रहा है।

इन मामलों को लेकर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने महापौर से प्लांट को तत्काल दूसरी जमीन पर शिफ्ट करने की मांग की। उन्होंने बताया कि जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है और प्लांट प्रबंधन दुर्गंध रोकने में विफल साबित हो रहा।

एनओसी बिना चल रहा प्लांट

शीशमबाड़ा में दो साल पहले शुरू हुआ सूबे का पहला सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एंड रिसाइक्लिंग प्लांट पिछले सात माह से बिना एनओसी चल रहा है। प्लांट के संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से हर वर्ष कंसर्न टू ऑपरेट एनओसी जरूरी होती है, लेकिन इस बार बोर्ड ने प्लांट को एनओसी नहीं दी है। प्लांट को दी एनओसी अगस्त-2019 में खत्म हो चुकी है। इसके बाद प्लांट अवैध रूप से संचालित हो रहा। एनओसी न देने के पीछे प्लांट में चल रही गड़बडियां वजह बताईं जा रहीं हैं। यही वजह है कि ग्रामीण इस प्लांट को बंद करने की मांग कर रहे।

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