देहरादून। उत्तराखंड के सेवायोजन विभाग में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सुरेंद्र नामक युवक ने विभाग को चकमा देने के लिए चालाकी से तीन अलग-अलग फॉर्म भरे, लेकिन उसकी एक छोटी सी भूल ने पूरे खेल की पोल खोल दी।
फर्जी आईडी बनाते समय हुई बड़ी गलती
सुरेंद्र ने इम्प्लॉयमेंट रजिस्ट्रेशन के लिए जो आईडी बनाई, उसकी शुरुआत ‘यूए’ (UA) से कर दी, जबकि उत्तराखंड की असली इम्प्लाई आईडी की शुरुआत ‘यूके’ (UK) से होती है। यही नहीं, असली आईडी में जहां 16 अंकों का फॉर्मेट होता है, वहीं सुरेंद्र ने अपने फर्जी आईडी में सिर्फ 13 अंक ही लिखे।
चालाकियों से भरपूर था सुरेंद्र का तरीका
सुरेंद्र ने नौकरी की चाह में सिस्टम को धोखा देने की कोशिश की। एक से अधिक फॉर्म भरना, फर्जी पहचान दिखाना और गलत दस्तावेजों के जरिए लाभ उठाने की कोशिश—उसकी कई चालें रहीं, लेकिन वह खुद ही अपने जाल में उलझ गया।
सेवायोजन विभाग ने पकड़ी गड़बड़ी
सेवायोजन विभाग के अधिकारियों ने जब डाटा वेरिफिकेशन के दौरान फॉर्म और आईडी की जांच की तो गड़बड़ी सामने आई। आईडी में राज्य कोड की गलत एंट्री और अधूरी संख्या देखकर जांच की गई, जिसमें सुरेंद्र के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
अब सुरेंद्र के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। यह मामला उन लोगों के लिए सबक है, जो गलत तरीके अपनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। सेवायोजन विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेज या जानकारियों के आधार पर पंजीकरण कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

