देहरादून: उत्तराखंड में सामने आए अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की गहराई से जांच के लिए अब विशेष अन्वेषण दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। इस संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने आदेश जारी कर दिए हैं।
गठित SIT की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) करेंगे, जबकि टीम में प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को सदस्य नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त, शासन की ओर से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक विशेषज्ञ अधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक (अपराध), पुलिस मुख्यालय को भी टीम में शामिल किया गया है।
SIT को आवश्यकता अनुसार अन्य कार्मिकों का सहयोग लेने की स्वतंत्रता दी गई है, जिससे जांच को व्यापक और निष्पक्ष बनाया जा सके।
घोटाले की पृष्ठभूमि:
राज्य में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के वितरण में बड़े स्तर पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। प्रारंभिक जांच में 92 संस्थान रडार पर आए थे। जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में 17 संस्थानों में गड़बड़ी की पुष्टि भी हो चुकी है।
इसके बाद, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इन संस्थानों का पुनः सत्यापन कराने का निर्णय लिया था, ताकि दोषियों की स्पष्ट पहचान की जा सके और भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।
उद्देश्य और महत्व:
SIT का गठन इस गंभीर मामले में पारदर्शी और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य दोषियों को जल्द से जल्द चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करना है, ताकि छात्रवृत्ति जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचे।

