देहरादून: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने राज्य में आई भीषण आपदा को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के नौ जनपद आपदा से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं और वहाँ के ग्रामीण बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं।
शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय, देहरादून में पत्रकारों से बातचीत में करन माहरा ने कहा कि राजधानी देहरादून में सरकार के संरक्षण में पनपा अतिक्रमण आज मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सहस्रधारा क्षेत्र में हाल ही में हुई भारी बारिश और तबाही अतिक्रमण का प्रत्यक्ष परिणाम है।
राज्य में 20,000 करोड़ का नुकसान, केंद्र ने दी सिर्फ़ 1,200 करोड़ की राहत
करन माहरा ने केंद्र सरकार की राहत राशि पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है, लेकिन केंद्र सरकार ने सिर्फ 1,200 करोड़ रुपये की राहत की घोषणा की है, जो राज्य की स्थिति के मुकाबले न्यूनतम और असंवेदनशील है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा राहत राशि की घोषणा के बाद ही देहरादून और चमोली के नंदानगर में और भी भारी आपदा आई, जिससे साफ है कि नुकसान का आकलन अधूरा और राहत अपर्याप्त है।
केंद्र दे उत्तराखंड को 20,000 करोड़ की आपदा राहत
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह उत्तराखंड को कम से कम 20,000 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि प्रदान करे, ताकि प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और पीड़ितों की मदद समय पर हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से भी अतिक्रमण पर रोक, आपदा प्रबंधन की ठोस नीति और राहत कार्यों में पारदर्शिता आवश्यक है।

