Sunday, March 8, 2026
Homeदेहरादूनउत्तराखंडः पहाड़ों में होम स्टे चलाने पर 10 लाख तक की मिलेगी...

उत्तराखंडः पहाड़ों में होम स्टे चलाने पर 10 लाख तक की मिलेगी छूट

 

10 lakh Rupees Discount for make Home stay in mountain Areas of uttarakhand
देहरादन। पहाड़ों से पलायन रोकने और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार का होम स्टे योजना पर विशेष फोकस है। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के ठहरने के लिए पहाड़ों में होम स्टे बनाने पर सरकार 33 प्रतिशत यानी 10 लाख रुपये तक छूट दे रही है। इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से प्रदेश भर में शिविर लगाए जाएंगे। सरकार ने 2020 तक प्रदेश में पांच हजार होम स्टे बनाने का लक्ष्य रखा है।
पर्यटन विभाग ने दीनदयाल होम स्टे और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना की जानकारी देने के लिए प्रदेश में जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में इन योजनाओं की सही जानकारी नहीं होने से लोगों को इनका लाभ नहीं मिल रहा है। होम स्टे योजना में अभी तक 32 होम स्टे को बैंकों ने ऋण दिया है।

अब जागरूकता शिविर में योजनाओं की बारीकी से जानकारी दी जाएगी। शिविर में पर्यटन विभाग व बैंक के प्रतिनिधि लाभार्थियों को योजना से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के बारे में बताएंगे। बता दें कि दीनदयाल होम स्टे योजना में कोई भी व्यक्ति मकान को होम स्टे के रूप में पंजीकृत कर सकता है और इसे पर्यटक आवास के रूप प्रयोग में ला सकते हैं।

होम स्टे योजना के तहत मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत या साढ़े सात लाख रुपये और पर्वतीय क्षेत्रों में 33 प्रतिशत या 10 लाख रुपये तक की छूट का प्रावधान किया गया है। वहीं ब्याज में भी पहले 5 वर्ष तक मैदानी क्षेत्रों में एक लाख व पर्वतीय क्षेत्रों में डेढ़ लाख प्रति वर्ष तक की छूट रखी गई है। सरकार ने होम स्टे लाभार्थियों को स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति करने का निर्णय लिया है। यदि कोई व्यक्ति होम स्टे के लिए बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण लेता है तो उसे सात प्रतिशत के हिसाब से 70 हजार स्टांप शुल्क देना पड़ता था।

लेकिन अब पर्यटन विभाग के माध्यम से इसकी प्रतिपूर्ति की जाएगी। प्रदेश के किसी एक क्षेत्र में छह से अधिक होम स्टे पंजीकृत होते हैं तो सरकार सड़क, बिजली, पानी, पार्क समेत अन्य अवस्थापना कार्य कराके इस क्षेत्र के बतौर क्लस्टर विकसित करेगी। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर इसका प्रचार प्रसार किया जाएगा। पलायन कर चुके लोग वापस गांव लौट कर होम स्टे को रोजगार के रूप में अपना सकते हैं।

होम स्टे व वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना की जानकारी के लिए प्रदेश में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इस बारे में सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। पलायन रोकने व रोजगार के लिए होम स्टे एक महत्वाकांक्षी योजना है। स्थानीय लोग अपने घरों को होम स्टे के रूप में पंजीकृत करवाते हैं या अपनी भूमि पर नया होम स्टे बनते हैं तो इसके लिए सरकार की तरफ से वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इन योजनाओं से पर्वतीय क्षेत्रों को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
– दिलीप जावलकर, सचिव, पर्यटन

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments