देहरादून – उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से राज्य भर में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन, भू-धंसाव और चट्टानों के गिरने से कई राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। इसका असर न केवल स्थानीय लोगों बल्कि यात्रियों और चारधाम यात्रा पर भी पड़ रहा है।
ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे तीन स्थानों पर बंद
ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग के पास तीन स्थानों पर भूस्खलन के चलते मार्ग अवरुद्ध हो गया है। देवप्रयाग डिग्री कॉलेज और मूल्यगांव के बीच भारी बारिश के कारण पहाड़ से मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरे। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।
इस मार्ग पर दूध, सब्जी, अखबार और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन भी फंसे हुए हैं, जिससे स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था पर संकट गहरा गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर राहत कार्य में जुटी है, लेकिन लगातार बारिश से मलबा हटाने में कठिनाई हो रही है।
कर्णप्रयाग और गौचर में भी राजमार्ग बाधित
कर्णप्रयाग क्षेत्र में रविवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण गौचर के कमेड़ा में पहाड़ी से बोल्डर और चट्टानें गिरने से बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया है। जेसीबी मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं।
वहीं, पुनगांव में चट्टान गिरने से सड़क धंस गई, जिससे नंदासैंण–पैठाणी मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यमुनोत्री हाईवे पर भी फंसे वाहन, खतरे में होटल और घर
यमुनोत्री हाईवे के जंगल चट्टी के पास चट्टानी मलबा और भू-धंसाव की वजह से कई वाहन फंसे हुए हैं। सड़क पर भारी बोल्डर और दरारें आ जाने से मार्ग पूरी तरह बाधित है।
इस क्षेत्र में नगरपालिका क्षेत्र के कई भवनों और होटलों को भी भू-धंसाव के कारण खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन अलर्ट, यात्रियों से सतर्कता की अपील
प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। सभी जिलों में आपदा प्रबंधन टीमें तैनात हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश से राहत कार्यों में व्यवधान आ रहा है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भी कुछ संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी जारी की है और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

