Saturday, March 7, 2026
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उत्तराखंड में स्कूलों के आधुनिकीकरण को मिलेगी नई गति, पीएमश्री योजना की तर्ज पर बनेगी राज्य योजना – मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन

देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी विद्यालयों के व्यापक आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में घोषणा की कि प्रदेश में भी पीएमश्री योजना की तर्ज पर एक नई योजना संचालित की जाएगी। इसके अंतर्गत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

हर स्कूल को मिलेगा 5 वर्षों तक 40-40 लाख रुपए का फंड

मुख्य सचिव ने बताया कि पीएमश्री योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा चयनित स्कूलों को 5 वर्षों तक 40-40 लाख रुपए की सहायता (कुल 2 करोड़ रुपए) दी जाती है। इससे स्कूलों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और खेल सुविधाएं विकसित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी इसी मॉडल पर योजना तैयार की जाएगी, जिससे सरकारी स्कूलों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों से लैस किया जा सके।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजना की शुरुआत क्लस्टर विद्यालयों से की जाए, ताकि शीघ्र प्रभावी परिणाम सामने आएं।

‘लखपति दीदी योजना’ को और प्रभावी बनाने के निर्देश

बैठक में ‘लखपति दीदी योजना’ की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव बर्द्धन ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और उत्पादों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • निरंतर क्षमता विकास कार्यक्रम (Capacity Building Programmes) संचालित किए जाएं।
  • योजना की नियमित मॉनिटरिंग हो।
  • राज्य स्तरीय संचालन समिति और राज्य स्तरीय निगरानी समिति का शीघ्र गठन हो।
  • उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, रिटेल चेन और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसे ब्रांडेड प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना, ब्रांडिंग, और डिजिटल मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।

उपस्थित अधिकारीगण

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, मेहरबान सिंह बिष्ट, झरना कामठान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यह पहल न केवल शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह राज्य की महिला सशक्तिकरण योजनाओं को भी मजबूती प्रदान करेगी।

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