Sunday, March 8, 2026
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कांवड़ यात्रा और शिवालयों में जल चढ़ाने पर मंत्री रेखा आर्य का बैकफुट,बाध्यता नहीं है-स्वेच्छा से करें प्रतिभाग

महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्य कांवड़ यात्रा और शिवालयाें में जल चढ़ाने के आदेश देने के कुछ ही घंटों बाद बैकफुट पर आ गईं हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी के लिए बाध्यता नहीं हैं। वे स्वेच्छा से कर सकते हैं। वहीं दसूरी ओर, विपक्षी कांग्रेस भी मंत्री आर्य पर हमलावर होती दिखाई दे रही है। 

मंत्री आर्य के आदेश के बाद उतराखंड में उपजे विवाद पर सोमवार को प्रेसवार्ता करते हुए आर्य ने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को जल चढ़ाने या कांवड़ यात्रा में प्रतिभाग करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। कहा कि कोई भी स्वेच्छा से प्रतिभाग कर सकता है। 

आपको बता दें कि मंत्री आर्य ने विभागीय अधिकारियों को 26 जुलाई कांवड़ यात्रा के समापन के दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक की सेल्फी खींचकर लिंगानुपात को सुधारने की शपथ लेने को कहा है। यहीं नहीं, आर्य ने सेल्फी खींचने के बाद फोटो को विभागीय ई-मेल आईडी पर शेयर करने को भी कहा है।

मंत्री के आदेश के बाद विभाग में भी प्रतिक्रिया आ रही है। रेखा ने अधिकारियों को सेल्फी खींचने के बाद विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर करने को भी कहा है। तो दूसरी ओर, कई राजनीतिक पार्टियां भी मंत्री के आदेश को तुगलकी फरमान कह रहे हैं। मंत्री का मानना था कि इससे केंद्र सरकार की आजादी के अमृत महोत्सव के तहत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को बढ़ावा मिलेगा। 

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या बेटी बचाओ अभियान के तहत 26 जुलाई को कांवड यात्रा पर भी निकलेंगी। 25 किमी की यह पैदल यात्रा हरिद्वार हर की पैड़ी से शुरू होकर वीरभद्र मंदिर ऋषिकेश तक आयोजित की जाएगी। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि उनका मकसद उत्तराखंड को देवभूमि के साथ ही देवीभूमि भी बनाना है।

इसके लिए महिला सशक्तीकरण मंत्री होने के नाते, एक महिला होने के नाते और शिव भक्त होने के नाते उन्होंने सावन के पावन माह में कांवड यात्रा पर निकलने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मकसद राज्य में बेटियों को बचाने और पढ़ाने की मुहिम को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।

रेखा ने कहा कि 2017 में राज्य में एक हजार बालकों पर 850 बेटियों का जन्म हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुहिम के बाद स्थिति में सुधार आया है। आज राज्य में एक हजार बालकों पर 949 बेटियों का जन्म हो रहा है। लेकिन हम चाहते हैं कि इस स्थिति में और सुधार हो।

2025 में जब उत्तराखंड अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा होगा उस साल तक राज्य में एक हजार बालकों पर एक हजार बेटियों का भी जन्म हो। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को पूरा करने के लिए वह हरिद्वार हर की पैडी से कांवड में जलभर कर ऋषिकेश स्थित पौराणिक वीरभद्र मंदिर में जलाभिषेक करेंगी। कार्यक्रम के समापन पर सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे।

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