Sunday, March 8, 2026
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कोसी नदी पार कर रहीं तीन महिलाएं पानी के तेज उफान में बही

देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार देर रात से ही बारिश आफत बनकर बरस रही है। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पहाड़ियों से मलबा सड़कों तक आ गया है। वहीं, करीब एक दर्जन दुकानों और घरों में पानी भी घुस गया। उधर, कुमाऊं के बागेश्वर में कलना बैंड के पास सड़क का करीब 10 मीटर तक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।


वहीं, भवाली अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जौरासी के पास घास काटकर कोसी नदी पार कर रहीं तीन महिलाएं पानी के तेज उफान में बहने से लापता हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और भवाली कोतवाली समेत खैरना चैकी पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने महिलाओं की खोजबीन शुरू कर दी। इस दौरान एक महिला  का शव बरामद हुआ है। वहीं, अन्य दो का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। 


बरिश के कारण नदियां भी उफान पर चल रही हैं। श्रीनगर के श्रीकोट में अलकनंदा नदी का अचानक जलस्तर बढ़ने से एक व्यक्ति बीच नदी में ही फंस गया। लोगों ने किसी तरह इसकी सूचना एसडीआरएफ को दी। नदी में फंसे व्यक्ति को राहत दल ने राफ्ट के सहारे बाहर निकाला। 

हरिद्वार में रविवार सुबह तेज बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया है। वहीं, कनखल के लाटो वाली कॉलोनी में भी पानी भरा गया है। बारिश के कारण चंडी देवी के पहाड़ से पत्थर भी गिर रहे हैं। इसके चलते रास्ता बंद हो गया है। 

कोटद्वार में भारी बारिश के कारण तटबंध टूट गया। जिसके कारण क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर आ गए। इसके चलते लोगों के घरों में पानी और मलबा घुस गया। वहीं, कई जगह खेती को भी नुकसान हुआ है। 

आंधी-तूफान से पेड़ भी गिर रहे हैं। पहाड़ी से भूस्खलन होने से कई जगह रास्ते बंद हैं। मलबा आने से लोगों के घरों में पानी भी घुस गया है। उधर, पिंडर और अलकनंदा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। 

शनिवार देर रात को पहाड़ों की रानी मसूरी में बारिश का कहर देखने को मिला। अचानक हुई तेज बारिश से मसूरी के मौसानिक लॉज बस स्टैंड के पास एक बड़ा पेड़ अचानक गिर गया। जिसकी चपेट में आने से सड़क किनारे खड़ी तीन टैक्सी कार क्षतिग्रस्त हो गईं।

कर्णप्रयाग के बहुगुणानगर मोहल्ले में सड़क का पानी लोगों के घरों में घुस गया। स्थानीय निवासी ईश्वरी मैखुरी, जगदीश सेमवाल ने कहा कि एनएच कार्यदायी संस्था ने हाईवे के किनारे नालियां नहीं बनाई हैं, जिससे उनके घरों में बारिश का पानी और मलबा भर गया है।

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