चकराता (देहरादून)। जौनसार बावर क्षेत्र के चकराता सहित आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में इन दिनों कड़ाके की ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। रात का तापमान लगातार शून्य से नीचे बना हुआ है, जिससे पानी जमकर बर्फ में तब्दील हो रहा है। इसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है और कई गांवों में सुबह के समय पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है।
क्षेत्र के जाड़ी गांव में ठंड का असर साफ देखने को मिला, जहां पेयजल लाइन से बहता पानी रात के समय जमकर बर्फ बन गया। स्थानीय निवासियों जयपाल सिंह, रघुवीर सिंह, सुल्तान सिंह, मेजर सिंह, बलबीर सिंह, नरेंद्र सिंह, मेहर सिंह और केसर सिंह का कहना है कि क्षेत्र में सूखी ठंड लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे राहत नहीं मिल पा रही है।
ठंडी हवाओं और पाले के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर बारिश या बर्फबारी होती तो सूखी ठंड से राहत मिल सकती थी। साथ ही बर्फबारी से बागवानी और अन्य फसलों को भी फायदा होता तथा बर्फ पिघलने से पेयजल स्रोतों के रिचार्ज होने की संभावना बनती।
कड़ाके की ठंड का सबसे अधिक असर पशुपालकों और किसानों पर पड़ रहा है। उन्हें चारा-पत्ती जुटाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। चकराता के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लोग अब बारिश या बर्फबारी की आस लगाए बैठे हैं, ताकि ठंड से कुछ राहत मिल सके और जल स्रोतों में सुधार हो।

