Saturday, March 7, 2026
Homeराज्यउत्तराखण्डअंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन योजना का आदेश होगा निरस्त

अंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन योजना का आदेश होगा निरस्त

प्रदेश सरकार समाज कल्याण विभाग में अंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन योजना का आदेश निरस्त करने की तैयारी में है। आवश्यक हुआ तो इस संबंध में एक प्रस्ताव प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जा सकता है। इधर, मुख्य सचिव ने सचिव (समाज कल्याण) एल फैनई से रिपोर्ट मांगी है।

बता दें कि टिहरी के प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी ने एक प्रेस नोट जारी कर अंतरजातीय व अंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन मांगें थे। प्रेस नोट को लेकर एक अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री से लिखित तौर पर शिकायत की। इस शिकायत पर मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जांच के आदेश दिए। अब यह पत्र सचिव समाज कल्याण के पास पहुंच गया है। इसी आदेश पर मुख्य सचिव ने सचिव को रिपोर्ट देने और इस संबंध में वार्ता करने को कहा है।
उधर, सरकार अंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन योजना से संबंधित आदेश को निरस्त करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। सचिव समाज कल्याण को इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश अंतरजातीय व अंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन नियमावली 16 जुलाई 1976 से लागू है।

 

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