देहरादून। नवरात्र पर्व के अवसर पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ विशेष अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के पहले चरण में एक सप्ताह के भीतर प्रदेशभर से 152 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
एफडीए आयुक्त एवं सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिलावट की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेताओं और निर्माताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
5 टन से अधिक दूषित खाद्य पदार्थ नष्ट
अभियान के दौरान दुकानों में निरीक्षण के समय 195 किलो पनीर, 150 किलो दूध से बने उत्पाद, 4500 किलो फल पल्प और 200 किलो मिठाइयां जब्त कर नष्ट की गईं। साथ ही छह व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “त्योहार खुशियों और मिलन का समय होता है। मेरी प्राथमिकता है कि हर घर की थाली शुद्ध रहे और हर परिवार की खुशियां सुरक्षित रहें। जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
त्योहारी सीजन तक जारी रहेगा अभियान
एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की है। जनपद स्तर पर गठित टीमें मिठाई, दूध, खोया, घी, तेल, मसाले सहित अन्य खाद्य उत्पादों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेज रही हैं।
मुख्यालय स्तर से अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान दीपावली तक जारी रहेगा।

