देहरादून जिले के हर्रावाला निवासी नायक दीपक नैनवाल दस अप्रैल 2018 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी मुठभेड़ में घायल हुए थे। तीन गोलियां लगीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। शरीर में धंसी गोलियों से एक माह तक लोहा लिया। परिवार वालों से हमेशा यही कहा, ‘चिंता मत करो, मामूली जख्म है, ठीक हो जाऊंगा। लेकिन, 20 मई को वह जिंदगी की जंग हार गए। जिसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। मगर, शहीद की पत्नी ज्योति जानती थीं कि इससे आगे भी एक दुनिया है। ऐसे में उन्होंने अपने लिए एक नई राह चुनी और पति की ही तरह देश सेवा का संकल्प लिया। कड़ी मेहनत और लगन के बाद भारतीय सेना के लिए उनका चयन हो गया है। अब वह प्रशिक्षण के लिए चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी जा रही हैं
40 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया कानूनगो, विजिलेंस टीम ने...
पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट तहसील में तैनात रजिस्ट्रार कानूनगो को विजिलेंस की टीम ने 40 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। टीम ने उसे...
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हार्वर्ड विवि में पढ़ाई जाएगी महाकुंभ की केस स्टडी, देश-दुनिया के...
दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शुमार अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में महाकुंभ की केस स्टडी पढ़ाई जाएगी। हार्वर्ड के मैनेजमेंट के छात्र महाकुंभ में...