देहरादून: उत्तराखंड में यूकेएसएसएससी (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले ने एक बार फिर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। राजधानी देहरादून स्थित गांधी पार्क में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा बेरोजगार युवाओं की मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनकी लड़ाई में पूरी ताकत से साथ खड़ी है।
करन माहरा ने कहा कि जब तक हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “सरकार नकल माफिया को बचा रही है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।”
कांग्रेस ने किया खुला समर्थन
धरना स्थल पर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि “भाजपा राज में बीते साढ़े आठ सालों में भर्ती प्रक्रियाएं ठप हैं। जहां भी परीक्षाएं हुईं, वहां पेपर लीक हुआ। यह साफ संकेत है कि सत्ता संरक्षण में नकल माफिया पनप रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सीबीआई जांच से इसलिए भाग रही है क्योंकि इस पूरे घोटाले में भाजपा से जुड़े लोगों की संलिप्तता उजागर हो चुकी है। कांग्रेस शुरू से ही हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।
पेपर लीक मामले में एक्शन तेज, कई अधिकारी और कर्मी निलंबित
यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। परीक्षा में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है:
- असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन, जो राजकीय महाविद्यालय अगरोड़ा (टिहरी) में कार्यरत थीं, को निलंबित कर उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी संबद्ध कर दिया गया है। जांच में सामने आया है कि सुमन वर्ष 2018 से मुख्य आरोपी खालिद के संपर्क में थीं और उन्होंने प्रश्नपत्र को सोशल मीडिया के माध्यम से आगे भेजा था।
-
हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने पथरी के जट बहादरपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दरोगा रोहित कुमार और सिपाही ब्रह्मदत्त जोशी को निलंबित कर दिया है। यही वह केंद्र है जहां से आरोपी खालिद ने पेपर के तीन पन्नों की तस्वीरें खींचकर बाहर भेजी थीं।
- इस मामले की जांच सीओ रुड़की नरेंद्र पंत को सौंपी गई है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य आरोपी और सहयोगी गिरफ्तार
अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य आरोपी खालिद और उसकी बहन साबिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की जांच अब एसआईटी के हवाले कर दी गई है, जो गहराई से सभी संदिग्धों और पेपर लीक नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
युवाओं में आक्रोश, संघर्ष जारी
देहरादून समेत राज्यभर के कई युवा अब भी गांधी पार्क और अन्य स्थानों पर धरने पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक सीबीआई जांच की घोषणा नहीं होती, वे आंदोलन जारी रखेंगे।
राज्य में एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस बढ़ते दबाव और विपक्ष के आंदोलन के सामने क्या रुख अपनाती है।

