देहरादून। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तीकरण की मिसाल बन चुका उत्तराखंड का ‘लखपति दीदी’ मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धमक दिखाने जा रहा है। आगामी माह दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाले मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन में इस मॉडल की उपलब्धियों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को सम्मेलन में लखपति दीदी 3.0 के तहत ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए वेल्यू चेन विकास थीमेटिक मील का समन्वयक नियुक्त किया गया है। यह उत्तराखंड के लिए राष्ट्रीय मंच पर एक बड़ी जिम्मेदारी मानी जा रही है।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को हाथीबड़कला स्थित कैंप कार्यालय में सम्मेलन की तैयारियों और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि आईसीएआर पूसा, नई दिल्ली में अगले माह के प्रथम सप्ताह में होने वाले सम्मेलन में राज्यों की उत्कृष्ट पहल को साझा किया जाएगा तथा ग्रामीण विकास को मजबूती देने के लिए सामूहिक रणनीति बनाई जाएगी। इस दौरान उत्तराखंड के महिला स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियां और नवाचार प्रमुख आकर्षण होंगे।
ग्राम्य विकास मंत्री जोशी ने निर्देश दिया कि सम्मेलन में उत्तराखंड की भागीदारी नवाचारपूर्ण, प्रभावी और परिणाममुखी होनी चाहिए। महिलाओं की आजीविका वृद्धि से संबंधित कार्यक्रमों को तेज़ी से आगे बढ़ाकर उनकी सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से रखा जाए।
उन्होंने कहा कि लखपति दीदी मॉडल आज ग्रामीण भारत में एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी बन चुका है। इसे और मजबूत करते हुए अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। बैठक में अपर सचिव ग्राम्य विकास झरना कमठान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

