जिले में बढ़ते ऋण बीमा धोखाधड़ी के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने एचडीएफसी एर्गो जीआईसी लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई की है।
फरियादी सुप्रिया नौटियाल, पत्नी स्व. प्रदीप रतूड़ी, ने 15 नवंबर 2025 को डीएम के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पति द्वारा वाहन क्रय हेतु ₹8,11,709 का ऋण लिया गया था। बैंक/कंपनी की ओर से यह भी कहा गया कि ऋण सुरक्षित करने के लिए बीमा अनिवार्य है, जिसके अनुसार पॉलिसी नंबर CI24-14680 और सर्व सुरक्षा प्लस के तहत बीमा कराया गया।
सुप्रिया के अनुसार बीमा पॉलिसी के कागज़ात कभी भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए। पति की मृत्यु के बाद, बीमे के रहते हुए भी उनसे ऋण चुकाने का दबाव बनाया गया तथा वाहन उठाने की धमकी तक दी गई।
DM ने जारी की ₹8.11 लाख की आरसी
सुप्रिया की शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए डीएम ने एचडीएफसी एर्गो जीआईसी लि. के खिलाफ ₹8,11,709 की रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी की है और कंपनी को 5 दिन में ऋण माफी के निर्देश दिए हैं। अन्यथा, आदेशानुसार कंपनी की संपत्ति को कुर्क कर नीलाम किया जाएगा। डीएम ने तहसीलदार सदर को निर्देश दिए हैं कि RC की वसूली को भू-राजस्व बकाया की भांति सुनिश्चित किया जाए।
बढ़ते ऋण धोखाधड़ी मामलों पर प्रशासन सख्त
जिलाधिकारी ने कहा कि बीमित ऋण होने के बावजूद आम नागरिकों को प्रताड़ित करना गंभीर त्रुटि है। कई बैंक एवं बीमा कंपनियाँ प्रशासन की निगरानी में हैं और भविष्य में ऐसे मामलों में शाखा सील, कुर्की, एवं नीलामी जैसी कठोर कार्यवाही की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बीमा आधारित ऋण वसूली प्रकरणों में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थाओं पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

