उत्तराखंड में भारी बारिश कहर बनकर बरस रही है। यमुनोत्री हाईवे पर स्याना चट्टी के पास सड़क पर भारी मलबा और बोल्डर गिरने से मार्ग दोनों ओर से बंद हो गया है। सड़क धंसने के कारण दूसरे दिन भी यातायात बहाल नहीं हो सका। एनएच के ईई मनोज रावत ने बताया कि हाईवे को खोलने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं।
केदारनाथ यात्रा रही बाधित
वहीं, केदारघाटी में रविवार देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही, जिससे केदारनाथ यात्रा को छह घंटे तक रोकना पड़ा। खराब मौसम को देखते हुए यात्रियों को सोनप्रयाग में ही रोक दिया गया। पूर्वाह्न 11 बजे मौसम में सुधार होने पर लगभग 4,000 यात्रियों को केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया गया, लेकिन शाम पांच बजे फिर से यात्रा को रोक दिया गया।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे मुनकटिया के पास मलबा और बोल्डर गिरने से अवरुद्ध हो गया था, साथ ही गौरीकुंड के समीप पैदल मार्ग भी अति संवेदनशील बना रहा। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से यात्रियों को आगे बढ़ने से रोका और सोनप्रयाग में बैरिकेडिंग कर दी गई।
सुरक्षा के बीच कराया गया रास्ता पार
सुबह मौसम में सुधार होते ही एनएच विभाग द्वारा जेसीबी मशीन की मदद से हाईवे से मलबा हटाया गया और शटल सेवा के माध्यम से यात्रियों को रवाना किया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस जवानों ने सोनप्रयाग, गौरीकुंड के साथ-साथ जंगलचट्टी, भीमबली, रामबाड़ा और लिनचोली में यात्रियों को सुरक्षा घेरे में रास्ता पार कराया।
सोनप्रयाग में तैनात कोतवाली प्रभारी राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि मौसम में थोड़े सुधार के बाद चार हजार यात्रियों को धाम के लिए भेजा गया, लेकिन शाम को फिर खराब मौसम के चलते यात्रा को रोका गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और उसी के अनुसार यात्रा संचालन किया जा रहा है।

