राज्य आंदोलनकारियों के बाद राज्य की महिलाओं को मिलने वाले आरक्षण के लाभ को कोर्ट द्वारा निरस्त किया जाना राज्य सरकार की असफलता है। सोमवार को मीडिया में बयान जारी कर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप यह लगाया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार के सैकड़ों सरकारी वकीलों की फौज कांग्रेस की सरकारों द्वारा दिए गए। लेकिन इन दो विशिष्ट वर्गों को मिलने वाले आरक्षण की सही पैरवी सरकार न्यायालय में नहीं कर पाई। साथ ही सरकार ने अध्यादेश या विधेयक के माध्यम से महिला आरक्षण के लिए कानून भी नहीं बनाया।यशपाल आर्य ने कहा कि हाल के न्यायालय के निर्णय के बाद राज्य की महिलाओं को सरकारी सेवाओं में मिल रहा 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण समाप्त हो गया है। इसी तरह कुछ साल पहले राज्य आंदोलनकारियों को नौकरियों में मिलने वाला आरक्षण भी न्यायालय के निर्णय के बाद समाप्त हो गया था। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने उस शासनादेश को निरस्त कर दिया है जिसके आधार पर राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलता था।

