देहरादून। प्रदेशवासियों को आर्थिक राहत देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुराने कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में बढ़ोतरी को 01 जुलाई 2026 तक स्थगित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत ने जारी किया।
केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में 15 वर्ष पुराने कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में 10 गुना तक वृद्धि की गई थी। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश के वाहन स्वामियों पर इसका तात्कालिक आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा। अब पूरे एक वर्ष तक पुरानी फीस ही लागू रहेगी।
जनता को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं और अपेक्षाओं के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा—
“हमारी सरकार का संकल्प जनता को राहत देना और जनहित में त्वरित निर्णय लेना है। केंद्र सरकार द्वारा की गई फीस वृद्धि को देखते हुए हमने इसे एक वर्ष के लिए स्थगित किया है। हम नहीं चाहते कि वाहनों के मालिक और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग अचानक आर्थिक बोझ में दब जाएं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में नई फीस दरें तभी लागू होंगी जब केंद्र सरकार फिटनेस फीस का अगला पुनरीक्षण जारी करेगी।
हजारों वाहन स्वामियों को मिलेगा लाभ
इस निर्णय से प्रदेश में चलने वाले टैक्सी संचालकों, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों, तथा 15 वर्ष पुराने वाहनों के मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के हित राज्य सरकार की प्राथमिकता हैं और जनहित के निर्णयों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं की जाएगी।
धामी सरकार के इस कदम का उत्तराखंड के परिवहन क्षेत्र ने स्वागत किया है, क्योंकि इससे वाहन स्वामियों पर आने वाला अतिरिक्त बोझ अगले एक वर्ष तक पूरी तरह से टल गया है।

