देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों की नई एवं गतिमान परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा करते हुए धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
मुख्य सचिव ने वर्ष 2022-23 में स्वीकृत पिथौरागढ़–बागेश्वर एनएच-309ए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण प्रस्ताव को अब तक भारत सरकार को न भेजे जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए।
इसी तरह मार्च 2024 में स्वीकृत काठगोदाम–नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण परियोजना के लिए वन एवं वन्यजीव स्वीकृतियों से संबंधित डेटा अपलोड में लापरवाही पर अधिशासी अभियंता को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की विभिन्न स्तरों पर नियमित निगरानी करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लंबित परियोजनाओं की समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं तथा सभी विभाग अपनी समस्याओं और मुद्दों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।
उन्होंने विभिन्न सड़कों की भूमि अधिग्रहण संबंधी 3(जी) और 3(डी) की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश देते हुए पेड़ कटान के लिए छपान एवं कटान की प्रक्रिया में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई। इस संबंध में 31 दिसंबर तक कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए परियोजनाओं का नियमित फॉलो-अप करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने एनएचएआई की कोटद्वार बाइपास, झाझरा–आशारोड़ी, हरिद्वार–नजीबाबाद और देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेस-वे सहित अन्य गतिमान परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सी. रवि शंकर, अपर सचिव विनीत कुमार एवं पीसीसीएफ एस.पी. सुबुद्धि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

