Saturday, March 7, 2026
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योग, ध्यान, साधना के क्षेत्र में ऋषिकेश का है विशिष्ट स्थान, पूरी दुनिया तक जाए योग महोत्सव की गूंज-राज्यपाल

ऋषिकेश मुनि की रेती स्थित गंगा रिजॉर्ट में आयोजित सात दिवसीय ‘अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2023’ के अवसर पर आज चौथे दिन शनिवार को सुबह महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) द्वारा बतौर मुख्य अतिथि प्रथम सत्र में प्रतिभाग किया गया। इस दौरान उनके द्वारा प्रथम सत्र में आयोजित योग कक्षाओं का निरीक्षण कर योग प्रशिक्षकों से विभिन्न आसनों की जानकारी प्राप्त की गई।

महामहिम राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2023 के आयोजन हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज समेत पर्यटन विभाग को इस आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि इस योग महोत्सव की गूंज पूरे विश्व तक जानी चाहिए। कहा कि ऋषिकेश इस दुनिया में योग, ध्यान, साधना के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि योग मन, मस्तिष्क और आत्मा को जोड़ता है। आज पूरी दुनिया में योग एक विशिष्ट स्थान रखता है। कोरोना महामारी के दौरान जब पूरी दुनिया इस रोग से ग्रसित थी, तब योग एवं प्रणायाम ने ना सिर्फ़ मानव प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम किया, बल्कि लोगों को आत्मबल भी दिया। योग से मनुष्य को ना सिर्फ़ शारीरिक रूप से मजबूती मिलती है, बल्कि इससे मानसिक शांति भी मिलती है।

महामहिम राज्यपाल ने कहा कि भारत में योग, साधना, संस्कृति का आपस में बेजोड़ संबंध है। संस्कृत शब्द का अर्थ सांसो के कृत है, यानी कि प्रणायाम के दौरान जब संस्कृत के शब्दों का प्रयोग करते हैं तो हमारे मन मस्तिष्क और आत्मा को शांति मिलती है। राज्यपाल ने पर्यटन विभाग को योग महोत्सव का सोशल मीडिया के जरिए व्यापक प्रचार प्रसार करने करने के भी निर्देश दिए। कहा कि आज भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां एक ओर भारत जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है, वहीं भारत के अनुरोध पर यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। भारत योग की शक्ति का प्रमाण पूरा विश्व देख चुका है, इसीलिए भारत के अनुरोध पर हर वर्ष 21 जून को विश्व योगा दिवस मनाया जाता है।

सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे द्वारा आयोजन संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान योग विशेषज्ञ दिलराज प्रीत कौर एवं डॉ. प्रिया अहूजा ने विभिन्न योगासनों की प्रस्तुति दी। इस दौरान पद्मश्री डॉ. रजनीकांत, उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील जोशी समेत बड़ी संख्या में योग साधक मौजूद रहे।

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