Sunday, March 8, 2026
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राज्य लौटे लोगों की आजीविका के संसाधन बढ़ाने की कोशिशः सीएम रावत

देहरादून। वर्चुअल रैली में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूटनीतिक चाल से चीन को विश्व में अलग-थलग करने का फैसला किया है। उन्होंने चीन को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल से पीछे हटने को मजबूर किया और उनकी विस्तारवादी नीति को रोकने का कार्य किया है। देश की रक्षा के लिए सीमाओं पर खड़े जवानों पर हमें गर्व है। हमारे सैनिकों ने एलएसी पर चीन के सैनिकों को मुंहतोड़ जबाब दिया।

मुख्यमंत्री त्रिवंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से श्रीनगर विधानसभा की वर्चुअल रैली में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सीएम ने कहा कि कोविड-19 की वजह से पूरा विश्व विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रहा है। इसकी वजह से राज्य को भी काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। कोरोना वायरस से बचाव का सबसे अच्छा तरीका मास्क का इस्तेमाल, शारीरिक दूरी और कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का अनुपालन है।

पर्वतीय जनपदों में काफी हद तक नियंत्रित कोरोना

उत्तराखंड में पर्वतीय जनपदों में लोगों की जागरूकता की वजह से यह काफी नियंत्रित भी रहा है। राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर भी अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अच्छा है। सतर्कता से ही हम इस वायरस पर पूरी तरह से नियंत्रण पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने समय-समय पर साहसिक निर्णय लिए। इसी का परिणाम है कि भारत में स्थिति नियंत्रित है। देश में सस्ते दामों पर अत्यधिक मात्रा में पीपीई किट, वेंटिंलेटर और मास्क बन रहे हैं। आज हम अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ ही इनके निर्यात की स्थिति में हैं।

राज्य लौटे लोगों की आजीविका के संसाधन बढ़ाने की कोशिश

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कोरोना की वजह से लोगों को जो आर्थिक परेशानियां हुई हैं, उसके हल के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान तीन लाख 27 हजार से अधिक उत्तराखंड के लोग अन्य राज्यों से वापस लौटे हैं। उनकी आजीविका के संसाधन बढ़ाने के लिए सरकार लगातार कोशिशें कर रही हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। इस योजना के तहत हमने 150 तरह के कार्यों को स्वीकृति दी है। पर्यटन, कृषि, विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों में राज्य सरकार ने साहसिक निर्णय लिए हैं। सीमांत और लघु कृषकों को तीन लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों को भी पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है।

होम स्टे योजना को किया जा रहा प्रमोट

होम स्टे को राज्य में प्रमोट किया जा रहा है। इसके लिए 2200 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। राज्य में पर्यटन के द्वार सभी के लिए खोले गए हैं, बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को इसके लिए 72 घंटे के अंदर का कोविड फ्री सर्टिफिकेट दिखाना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 500 कॉलेज में वर्चुअल क्लास की व्यवस्था की गई है। 700 कॉलेज में और वर्चुअल क्लास की व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा ई-कैबिनेट की शुरूआत की गई है। देहरादून कलेक्ट्रेट ई-कलेक्ट्रेट बन चुका है। विधानभवन गैरसैंण को भी ई-विधानसभा और वहां के सचिवालय को भी ई-सचिवालय बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में केंद्र से भारत नेट की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके तहत राज्य में दो हजार करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट आएगा। उन्होंने बताया कि सभी प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। अटल उत्तराखंड आयुष्मान येजना के तहत अभी तक एक लाख 83 हजार लोग अपना इलाज करा चुके हैं, जिस पर 163 करोड़ रपपये खर्च हुए हैं। पौड़ी जनपद में 15 हजार लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है, जिस पर 10 करोड़ 50 लाख रुपये का व्यय हुआ है। इस योजना के तहत राज्य में अभी तक 40 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बन चुके हैं, जबकि पौड़ी जनपद में 2 लाख 64 हजार गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैनिक बहुल राज्य है। हमारे सैनिकों ने समय-समय पर अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है। हमारे वास्तविक हीरो हमारे सैनिक हैं।

वर्चुअल रैली में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिलाध्यक्ष दलवीर सिंह नेगी, जिला उपाध्यक्ष कुसुमलता ध्यानी, संपत सिंह रावत, जगत किशोर बर्थवाल री जंग बहादुर, जितेन्द्र रावत, गणेश भट्ट आदि ने प्रतिभाग किया।

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