Sunday, March 8, 2026
Homeराज्यउत्तराखण्डराहुल गांधी, गणेश गोदियाल और अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का ट्विटर...

राहुल गांधी, गणेश गोदियाल और अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का ट्विटर अकाउंट किया गया ब्लॉक

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का ट्विटर अकाउंट, ट्विटर इंडिया ने ब्लॉक्ड कर दिया है। दरअसल, राहुल गांधी के एक विवादित पोस्ट को शेयर करने पर ट्विटर इंडिया का कार्यवाही जारी है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का ट्विटर अकाउंट को ब्लॉक्ड कर दिया गया है। जिसकी जानकारी खुद हरीश रावत ने फेसबुक के माध्यम से जानकारी है।

आपको बता दे कि बीते शनिवार को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का ट्विटर अकाउंट अस्थायी रूप से निलंबित के बाद उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के ट्विटर अकाउंट को ट्विटर ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। जिसके बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का ट्विटर एकाउंट को भी ब्लॉक्ड कर दिया है।

वही, हरीश रावत ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि लोकतंत्र में मुझे चुप कराने की कोशिश की जा रही है। मैंने एक मुहिम के तहत मैं भी Rahul हूंँ को लेकर एक दलित परिवार का जिक्र करते हुये एक ट्वीट किया था, Twitter इंडिया ने मेरा Twitter अकाउंट – http://www.twitter.com/harishrawatcmuk ब्लॉक्ड कर दिया है, इस शर्त के साथ कि आप मैं भी राहुल वाले ट्वीट को डिलीट कीजिये और अपना अकाउंट चालू करिये। Rahul Gandhi जी ने एक दलित पीड़ित परिवार से मिलने गये, उनके दु:ख को बांटने गये जो सत्ता पक्ष के लोगों भाया नहीं। क्योंकि लाखों लोगों ने राहुल जी द्वारा परिवार का जिक्र करते हुये ट्विटर में एक Tweet किया, देश की जनता ने अपना रोष व्यक्त किया, अपनी आवाज उठाई, कुछ लोगों ने ऑनलाइन उठाई, कुछ लोगों ने ऑफलाइन उठाई जो लोकतंत्र में सबका अधिकार है। अभी 3 दिन बाद 15 अगस्त को भारत का स्वतंत्रता दिवस आ रहा है, यह भारत का राष्ट्रीय त्यौहार है। सन् 1947 में इसी दिन भारत के निवासियों ने ब्रिटिश शासन से स्‍वतंत्रता प्राप्त की थी। लेकिन यहां हमारा अधिकार छीना जा रहा है, अभिव्यक्ति की आजादी क्यों छीनी जा रही है?  पत्रकार बंधुओं को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए क्योंकि वो हमारे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, इस बात को प्रमुखता से उठाएं, क्या लोकतंत्र में किसी पीड़ित से मिलना, उसकी आवाज बन्ना पाप है? Twitter इंडिया और भारत का संविधान लोकतंत्र में क्या इतना कमजोर हो गया है कि अभिव्यक्ति की आजादी/स्वतंत्रता, उसका अधिकार छीन लिया जा रहा है?

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments