देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और शिक्षाओं को याद करते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति का अमूल्य धरोहर बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि न केवल रामायण के रचयिता थे, बल्कि वह आदिकवि के रूप में भी विश्ववंदनीय हैं। उनकी रचनाओं से हमें सत्य, प्रेम और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा दिए गए समरसता, सद्भाव और मानवता जैसे नैतिक मूल्य आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हैं। ये मूल्य समाज को जोड़ने और एक बेहतर मानवता की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि हम सभी को महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य करना चाहिए।

