देहरादून। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के शिक्षा-प्रेरित विज़न एवं जिलाधिकारी सविन बंसल के सशक्त नेतृत्व में जनपद देहरादून के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्र त्यूनी को आधुनिक पुस्तकालय की सौगात मिली है। सीमांत क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा यह एक दूरगामी और क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
त्यूनी में सार्वजनिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) की मरम्मत एवं फर्नीचर व्यवस्था के लिए कुल ₹12.00 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसमें से प्रथम किस्त के रूप में 60 प्रतिशत यानी ₹7.20 लाख की धनराशि जारी कर दी गई है। शेष 40 प्रतिशत ₹4.80 लाख की राशि उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं तृतीय पक्ष द्वारा जांच आख्या प्राप्त होने के बाद जारी की जाएगी।
जिलाधिकारी के त्यूनी भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं एवं संकल्प जनजातीय उत्थान फाउंडेशन समिति ने पुस्तकालय सुविधा विकसित करने का अनुरोध किया था। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, ग्रामीण निर्माण विभाग, प्रखण्ड देहरादून के माध्यम से पुस्तकालय मरम्मत एवं फर्नीचर व्यवस्था हेतु ₹12.20 लाख का प्राक्कलन तैयार कराया। जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की शासी परिषद की बैठक में प्रस्ताव पर विचार किया गया, जहां शासी परिषद के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा ₹12.00 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई।
स्वीकृत धनराशि में से प्रथम किस्त ₹7.20 लाख अधिशासी अभियंता, ग्रामीण निर्माण विभाग को भुगतान हेतु जिला खनिज फाउंडेशन न्यास के निर्धारित बैंक खाते से निर्गत कर दी गई है। यह पहल जनपद देहरादून के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों तक समान शिक्षा अवसर उपलब्ध कराने की नीति को धरातल पर उतारना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्यूनी जैसे दुर्गम क्षेत्र में पुस्तकालय सुविधा के सुदृढ़ीकरण से विद्यार्थियों को अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एवं ज्ञानवर्धन के लिए सशक्त मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय जैसी सुविधाएं अध्ययन संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के भविष्य निर्माण में भी अहम भूमिका निभाएंगी।

