प्रदेशभर के प्रसिद्ध शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर ओर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों की गूंज सुनाई दी। भक्तों ने जल कलश लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पत्नी गीता धामी के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
श्रीनगर स्थित कटकेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर समिति द्वारा जलाभिषेक के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा कर भगवान शिव से अपने कष्टों के निवारण की कामना की।
देहरादून के धर्मपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, फूल और धतूरा चढ़ाकर भगवान शिव का अभिषेक किया। मंदिर परिसर शिव नाम के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
वहीं, आराघर स्थित पंचायती मंदिर में भी सुबह से ही जलाभिषेक की पावन धारा बहती रही। मंदिर समिति की ओर से विशेष पूजा और भंडारे का आयोजन किया गया। भक्तों ने व्रत रखकर पूरी श्रद्धा के साथ शिवभक्ति में भाग लिया।
श्रद्धा और आस्था का पर्व
सावन के हर सोमवार को शिवभक्त विशेष व्रत रखते हैं और शिवालयों में जाकर जलाभिषेक करते हैं। यह पर्व शिवभक्ति को गहराई से आत्मसात करने और अपने जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करने का अवसर माना जाता है।

