Sunday, March 8, 2026
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राज्य के शिक्षक यूपी और बिहार में दे रहे सेवाएं


देहरादून। संवाददाता। सदन में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के सवाल पर गुरुवार को सरकार घिर गई। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे राज्य के कई शिक्षक यूपी, बिहार में लंबे समय से नौकरी कर रहे हैं। खुद उत्तराखंड सरकार ने विधानसभा में यह जानकारी दी है। सत्ता पक्ष के विधायकों ने सवाल उठाते हुए इन सभी शिक्षकों को वापस बुलाने की मांग की। प्रश्नकाल के दौरान विधायक देशराज कर्णवाल ने ये सवाल उठाया। उनके सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने प्रतिनियुक्ति पर तैनात शिक्षकों का विवरण दिया। बताया गया कि 14 शिक्षक उत्तर प्रदेश में तैनात हैं, जबकि एक शिक्षक बिहार में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं।

यह मामला सामने आते ही भौंचक्के विधायकों ने विधानसभा में सरकार की घेराबंदी कर दी। सत्ता पक्ष के विधायक दिलीप रावत ने आरोप लगाया कि राजनैतिक रसूख वाले शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर मौज कर रहे हैं। उत्तराखंड के स्कूलों में परिणाम शून्य आ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग निगरानी तक नहीं कर पा रहा है। शिक्षा मंत्री ने यह कहकर बचाव किया कि मौजूदा सरकार के समय एक भी शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर नहीं गया है। प्रतिनियुक्ति खत्म कर इन शिक्षकों को वापस बुलाया भी जा रहा है।

इनके नाम भी कर दिए गए गायब
सदन में रखी गई जानकारी में भी सरकार ने कई रसूखदार शिक्षकों के नाम तक जाहिर नहीं किए। इसमें कर्मकार सन्निकार बोर्ड में कार्यरत दमयंती रावत का नाम भी शामिल है। दमयंती बीते आठ साल से बिना एनओसी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। दूसरा, खुद शिक्षा मंत्री के निर्देश पर देहरादून स्थित शिक्षा निदेशालय में बनाए गए शिकायत एवं सुझाव प्रकोष्ठ में पांच शिक्षक अटैच हैं। जबकि यह प्रकोष्ठ अब तक अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पाया है।

देशराज ने कहा, मेरी सिफारिश तो ठुकरा दी थी
 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर चिंता जता रहे विधायक देशराज कर्णवाल इस दौरान खुद अपनी फजीहत करा गए। देशराज ने कहा कि वो भी शिक्षा मंत्री के पास प्रतिनियुक्ति की एक सिफारिश लेकर गए थे, लेकिन तब मंत्रीजी ने साफ मना कर दिया था। अब इतनी प्रतिनियुक्ति कहां से आ रही हैं। देशराज यहां तक कह गए कि बेहतर होता कि मंत्री ऐसे मामलों में सभी विधायकों से सुझाव लेकर उन पर अमल करते। इस पर चर्चा के दौरान हल्के मूड में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने उनसे पूछ लिया कि क्या वो अपनी पत्नी की प्रतिनियुक्ति की सिफारिश कर रहे हैं। इस पर देशराज ने सदन में ही इस बात से साफ इनकार कर दिया।

सदन को सौंपी लिस्ट में भी अधूरी जानकारी
विधानसभा को दिए गए लिखित जवाब में भी प्रतिनियुक्ति पर आए शिक्षकों का पूरा विवरण नहीं होने पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को विधायकों के सवालों का सामना करना पड़ गया। विधायक देशराज कर्णवाल ने मदरसा बोर्ड में कार्यरत शिक्षक नसीरुद्दीन का नाम इस लिस्ट में नहीं होने पर सवाल उठाया। विधायक मनोज रावत ने भी पूरे नाम नहीं होने पर सवाल किए।

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