Saturday, March 7, 2026
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दून अस्पताल में बिना टेंडर हुई करोड़ों की खरीद, आचार संहिता के बाद होगी मामले की जांच


देहरादून। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद से दून अस्पताल में खरीददारी के लिए कोई टेंडर नहीं हुआ है। पिछले तीन साल से करोड़ों की दवाएं और सर्जिकल उपकरण बिना टेंडर के ही खरीदे गए। हैरान करने वाली बात तो यह है कि दून अस्पताल को सप्लाई के लिए तकरीबन 20 कंपनियां लिस्टेड हैं, मगर इनमें से छह ही कंपनियां ऐसी हैं, जिन्हें दवाएं व अन्य उपकरणों की सप्लाई को मौका दिया गया। अब यह कंपनियों को सीधे लाभ पहुंचाने की कोई युक्ति है या फिर कुछ और? फिलहाल इस सवाल का जवाब अस्पताल प्रबंधन के पास नहीं है। प्राचार्य का कहना है कि आचार संहिता खत्म होने के बाद इस मामले की जांच कराई जाएगी।

दरअसल, किसी भी सरकारी विभाग में पांच लाख रुपये से ज्यादा की खरीददारी के लिए टेंडर निकालना आवश्यक है। लेकिन, दून अस्पताल में कभी दो लाख, कभी ढाई लाख तो कभी कभी 4.90 लाख रुपये तक की अलग-अलग हिस्सों में खरीददारी की गई है। सूचना के अधिकार में तीन साल तक के टेंडरों के बारे में जानकारी मांगी गई थी। इस सूचना के जवाब में दून मेडिकल कॉलेज की ओर से कहा गया है कि इस दरम्यान कोई टेंडर नहीं निकाला गया है। जवाब में यह भी पता चला है कि इस अवधि में केवल तीन ही कंपनियों को विभन्न दवाएं सप्लाई करने का काम मिला था। ये ही तीन कंपनियां ऐसी रही जिन्होंने विभिन्न दवाओं को लेकर कोटेशन दी हैं। इन्हें ही बार-बार दवाएं सप्लाई का मौका दिया गया है। कमोबेश यही स्थिति सर्जिकल उपकरणों की खरीद में सामने आई है। इसमें भी तीन ही कंपनियां हैं, जिन्होंने अपने-अपने हिसाब से उपकरणों को बांटकर अस्पताल को सप्लाई की है।

तीन साल में पहली बार फरवरी में जारी हुआ था टेंडर
इन तीन सालों में पहली बार गत फरवरी को विभिन्न उपकरणों की खरीद को टेंडर जारी किए गए थे। इनमें अस्पताल के लिए सिटी स्कैन मशीन, एमआरआई मशीन के रोल व रेडियोलॉजिस्ट सामग्री की खरीद होनी है। इसके अलावा कंप्यूटरों की आपूर्ति को भी फरवरी में ही टेंडर जारी हुआ था। हालांकि, अभी तक इसकी फाइनेंशियल बिड नहीं खुली है। आचार संहिता के बाद ही आपूर्ति आदि पर निर्णय लिया जाना है।

मैंने पिछले साल ही चार्ज लिया था। मेरे पीछे क्या हुआ इसकी पड़ताल मैं आचार संहिता के बाद कराऊंगा। इसके बाद ही बताया जा सकता है कि चूक किस स्तर पर हुई है।
– डॉ आशुतोष सयाना, प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज

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