Saturday, March 7, 2026
Homeखास खबरविद्या भारती का मेधावी छात्र सम्मान समारोह: विद्या मन्दिर व सरस्वती शिशु...

विद्या भारती का मेधावी छात्र सम्मान समारोह: विद्या मन्दिर व सरस्वती शिशु मन्दिरों का उत्तराखण्ड के शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है-मुख्यमंत्री

छात्रों में गुणवतायुक्त शिक्षा के अतिरिक्त संस्कारों व जीवन मूल्यों का विकास करने में सरस्वती विद्या भारती मन्दिरों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है दुनिया मान चुकी है कि बिना संस्कारों की शिक्षा अर्थहीन है। मनुष्य सभी कार्य सुख प्राप्त करने के लिए करता है परन्तु वास्तविक सुख संस्कारों व जीवन मूल्यों में निहित है

देहरादून (संवाददाता) : मुख्यामंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज यहाँ कह कि विद्या मन्दिर व सरस्वती शिशु मन्दिरों का उत्तराखण्ड के शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा छात्रों में गुणवतायुक्त शिक्षा के अतिरिक्त संस्कारों व जीवन मूल्यों का विकास करने में सरस्वती विद्या भारती मन्दिरों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत आज रविवार को सरस्वती विद्या मन्दिर, सुमननगर देहरादून में आयोजित विद्या भारती द्वारा राज्यभर के सरस्वती विद्या मन्दिरों के मेधावी छात्रछात्राओं के सम्मान समारोह के अवसर पर उपस्थित छात्रछात्राओं, अभिभावकों व शिक्षकों को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने हमें ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करनी होगी जो अपने बारे में सोचने के साथ साथ समाज, देश, वैश्विक कल्याण, योग व अध्यात्म के बारे में भी विचार करने को प्रेरित करे। आज दुनिया मान चुकी है कि बिना संस्कारों की शिक्षा अर्थहीन है। मनुष्य सभी कार्य सुख प्राप्त करने के लिए करता है परन्तु वास्तविक सुख संस्कारों व जीवन मूल्यों में निहित है। विद्या  छात्रों में गुणवतायुक्त शिक्षा के अतिरिक्त संस्कारों व जीवन मूल्यों का विकास करने में सरस्वती विद्या भारती मन्दिरों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि जिस प्रकार से विद्या भारती विद्यालयों ने उत्तराखण्ड के अलावा भी सम्पूर्ण देश के दूरस्थ, पिछडे व आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का नेटवर्क खड़ा किया है तथा शिशु मन्दिरों के छात्र बड़ी संख्या में उच्च पदों पर कार्यरत है, यह प्रंशसनीय ही नही बल्कि रिसर्च का भी विषय है। देश के शिक्षा विकास में शिशु मन्दिरों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, विशेषकर उच्च शिक्षा में गुणवता सुधार हेतु गम्भीर प्रयास कर रही है। देहरादून में राष्ट्रीय स्तर के नेशनल इन्स्टीट्यूट आॅफ फैशन टेक्नाॅलजी, प्लास्टिक टैक्नोलजी के संस्थान तथा हाॅस्पिेटीलिटी यूनीवर्सिटी के शीघ्र खुलने से उत्तराखण्ड के छात्रों हेतु उच्च शिक्षा में परम्परागत पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त वोकेशनल व नए पाठयक्रमों के पर्याप्त विकल्प भी उपलब्ध होंगेे। राज्य सरकार प्रयासरत है कि गुणवतापूर्ण व नैतिक मूल्यों से युक्त शिक्षा के साथ ही बाजार व औद्योगिक मांगों के अनुरूप रोजगारोन्मुख सुदृढ़ शिक्षा प्रणाली विकसित की जाय।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने हंस फाउण्डेशन द्वारा किए जा रहे समाज कल्याण के कार्यो की प्रंशसा करते हुए कहा कि माता मंगला जी द्वारा किए जा रहे मानव कल्याण के प्रयास सम्मानीय है। इससे पहले, मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हंस फाउण्डेशन द्वारा सरस्वती विद्या मन्दिर को भेंट की गई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, संघ प्रचारक श्री श्यामलाल, आइडिया के टेकनीकल हेड श्री राजशेखर जोशी, हंस फाउण्डेशन के प्रतिनिधि श्री सतपाल सिंह नेगी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments