Saturday, March 7, 2026
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सरोकार सामाजिक संस्था उत्तराखण्ड के विकास में करेगी प्रयास

देहरादून। संवाददाता। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर समाज उत्थान के कार्य करने को सदैव तत्पर राष्ट्रीय स्तर की सामाजिक संस्था सरोकार द्वारा पद्रेश स्तरीय बैठक दून स्थित एक होटल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए लोकेश नवीन ने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय जिलों में पलायन सबसे बड़ी और पुरानी समस्या है। देश में 20 प्रतिशत पहाड़ी क्षेत्र है। जहां 13 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जनता वर्तमान में दिशाविहीन और विभाजित है, इसी वजह से यहां सबसे अधिक समाजिक संगठन है। हमें स्वास्थय और बेरोजगारी पर काम करने की जरूरत है। पहाड़ में रोजगार के साधन बेहद

सीमित है। इसके लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है। धाद संस्था की शोभा रतूड़ी ने कहा कि महिला परिवार की प्रमुख कड़ी है। उसे सशक्त बनाना होगा, तभी समाज मजबूत हो सकता है।डा. नूतन गैरोला ने कहा कि पहाड़ के

सुदूरवर्ती गांवों मेें आज भी महिला स्वास्थय एवं चिकित्सा बड़ा मुद्दा है। इंपावरिंग पिपुल संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि मानव तस्करी को पहाड़ के लिए बड़ा खतरा है इस पर अंकुश लगाना होगाा। सामाजिक

कार्यकर्ता शीला रावत ने कहा कि, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर विकास कार्य करवाने के लिए प्रेशर ग्रुप की तरह कार्य करने की जरूरत है।गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने वाली अपने-सपने संस्था के अध्यक्ष अरूण यादव ने कहा कि

ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा समय की मांग है। मान्यता प्राप्त पत्रकार और यमकेश्वर टाईम्स के संपादक सुधीर बडोला ने कहा कि विकास को गति देने के लिए समस्त संगठनों का एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक

है। साथ ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार पर दबाव भी बनाना होगा। सामाजिक कार्यकर्ता सीपी शार्म ने कहा कि हमें हटकर चलने की आवश्यकता है, संगठन से जुड़े लोगों को स्वार्थ से दूरी बनानी होगी, तभी जनहित कार्यों

को चरम तक पहुंचाया जा सकता है। पौड़ी निवासी अर्जुन कोटियाल ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों को सभी के समक्ष सांझा किया। शांति प्रकाश जिज्ञासु ने कहा कि सामाजिक संगठनों का ईमानदारी से काम करना प्राथमिकता में होना

चाहिए। जेपी मैठाड़ी ने कहा कि पहाड़ में शराब पूरी तरह से बंद होनी चाहिए, स्थानीय संसाधन के साथ रोजगार के साधन विकसित करने हांेगे। इस मौके पर अध्यक्ष अनिल के चंद, अनिल रावत, मनीष ममगाई, रजनी मलासी,

नीरज डंगवाल, निम्मी बूडाकोटी, भार्गव चंदोला, शिशुपाल रावत, सुरेश नेगी, आदि मौजूद रहे।

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