Sunday, March 8, 2026
Homeराज्यउत्तराखण्डPM मोदी ने 'मन की बात' में क्यों की उत्तराखंड के सच्चिदानंद...

PM मोदी ने ‘मन की बात’ में क्यों की उत्तराखंड के सच्चिदानंद भारती की तारीफ ? उनकी कहानी जान आप भी करेंगे सलाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ प्रोग्राम में एक बार फिर उत्तराखंड की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मेहनत से हर मुश्किल काम का हल निकाला जा सकता है। पीएम मोदी ने उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के शिक्षक सच्चिदानंद भारती का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने मेहनत और लगन से क्षेत्र में पानी की समस्या को दूर कर दिया। कहा कि क्षेत्र में ग्रामीण पहले पानी की समस्या से बहुत ही ज्यादा परेशान थे, लेकिन आज भारती जी की मेहनत की बदौलत गांव और आसपास के क्षेत्रों में सालभर पानी की सप्लाई हो रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में जल संरक्षण के लिए एक पारंपरिक तरीका अपनाया जाता है जिसे, चारखाल भी कहा जाता है।

उन्होंने बताया कि पारंपरिक चारखाल तरीके में पानी के लिए गड्ढा खोदा जाता है। मोदी ने कहा कि चारखाल तरीके का इस्तेमाल करते हुए नवीनतम तकनीक को भी जोड़ा गया, जिससे पानी के संकट से निजात मिल पाई। पीएम मोदी ने कहा कि भारती जी ने गांव में छोटे-बड़े तालाब बनवाए जिससे न सिर्फ ग्रामीणों की पेयजल की समस्या दूर हुई बल्कि क्षेत्र में हरियाली भी पुन: लौट आई।  मोदी ने भारती जी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि भारती जी ने जल संरक्षण और पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए अब तक 30 हजार जल तलईया बनवाई हैं।  “ यहीं नहीं, भारती जी का यह भगीरथ कार्य आज भी जारी है और अनेक लोगों को प्रेरणा भी दे रहे हैं ताकि आसपास के गांवों में भी पेयजल संकट दूर किया जा सके। ” पीएम मोदी।

पीएम मोदी ने कहा कि भारती जी ने अपनी कोशिशों से अपने गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भी पानी के संकट को खत्म किया। कहा कि मानसून सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में अब हम सभी को संरक्षण के लिए कदम उठाने चाहिए ताकि पानी की समस्या को दूर किया जा सके। आपको बता दें कि इससे पहले भी पीएम मोदी ने उत्तराखंड की जमकर तारीफ भी की थी। उन्होंने बागेश्वर जिले के जगदीश कुनियाल का उदाहरण दिया था। कहा था कि उन्होंने अपने भगीरथ प्रयासों से गांव में हरियाली ला दी है। कई साल पहले सूख चुके स्थानीय गदेरे को पुनः रिचार्ज किया है। कई सालों की अर्थक प्रयासों व मेहनत की बदौलत उनके आसपास के गांवों में पेयजल संकट को दूर कर दिया है। यहीं नहीं, उनकी मेहनत की वजह से सिंचाई की समस्या को भी दूर किया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments