देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज दोपहर अहम प्रेसकांफ्रेंस करने जा रहे हैं। प्रदेश में इन दिनों गरमाए राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों के बीच उनकी यह प्रेसकांफ्रेंस बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर प्रदेशभर में लोगों के सड़कों पर उतरने और सीबीआई जांच की मांग तेज होने के बाद सरकार पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।
तीन साल पहले हुए चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर वीआईपी नाम सामने आने के दावों ने सियासत को गरमा दिया है। विपक्षी दलों के साथ ही कई सामाजिक संगठन सरकार से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किए जा रहे सिलसिलेवार वीडियो ने पूरे प्रदेश में राजनीतिक भूचाल ला दिया है। उर्मिला अपने वीडियो में न केवल हत्याकांड की परतें खोलने का दावा कर रही हैं, बल्कि पार्टी के ही वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगा रही हैं।
वायरल वीडियो के चलते भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता असहज नजर आ रहे हैं। महिला द्वारा रोजाना सोशल मीडिया पर लाइव आकर बड़े नेताओं के नाम लेकर आरोप लगाने, कथित टेलीफोन कॉल रिकॉर्ड और तस्वीरें साझा करने से पार्टी की छवि पर असर पड़ने की बात कही जा रही है। प्रदेशभर में लोग इन वीडियो में सामने आ रहे तथ्यों पर खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
इस पूरे मामले में पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बयान जारी कर कांग्रेस को दोषी ठहराया। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने मीडिया के सामने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही।
दुष्यंत गौतम की तहरीर पर एफआईआर दर्ज
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम की ओर से डालनवाला थाने में पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने जानबूझकर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो जारी कर उनकी छवि खराब करने और दंगे फैलाने की साजिश रची। तहरीर में कांग्रेस, यूकेडी और आम आदमी पार्टी को इस कथित साजिश का सूत्रधार बताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।
ऐसे में मुख्यमंत्री धामी की आज होने वाली प्रेसकांफ्रेंस पर प्रदेशभर की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि सीएम इस दौरान न केवल अंकिता हत्याकांड बल्कि वायरल वीडियो और मौजूदा राजनीतिक हालात पर सरकार का पक्ष साफ कर सकते हैं।

