Sunday, March 8, 2026
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उत्तराखंड में डाॅक्टर, स्वास्थ्य और सफाई कर्मियों से दुवर््यवहार नहीं होगा बर्दाश्तः राज्यपाल बेबी रानी मौर्य

देहरादून। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य का कहना है कि डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बुरा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के सभी धर्म गुरूओं और संतों से अपील की है कि वे लोगों को जागरूक करें और धार्मिक आयोजनों, पूजा-पाठ, नमाज को अपने-अपने घरों में ही करने के लिए प्रेरित करें।

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में कोरोना वायरस से संबंधित वीडियो कांफ्रेसिंग में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि राज्य चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और सफाई कर्मियों के खिलाफ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा। इस संबंध में सभी डीएम और एसएसपी को आवश्यक निर्देश दिये गए हैं। पर्वतीय जनपदों में आवश्यक वस्तुओं, राशन, दवाइयों आदि की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। नगर निकाय स्वच्छता और सैनिटाइजेशन अभियान संचालित कर रहे हैं। अगले हफ्ते सभी जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर ग्राउंड स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

 


लॉकडाउन का सख्ती से हो रहा पालन

राज्यपाल ने ये भी बताया कि उत्तराखंड में लॉकडाउन का पूरी सख्ती से पालन किया जा रहा है। प्रदेश के सभी धर्म गुरूओं और संतों से अपील भी की गई है कि वे लोगों को जागरूक करें और धार्मिक आयोजनों, पूजा-पाठ, नमाज आदि को अपने-अपने घरों में ही करने के लिए प्रेरित करें। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिये गये हैं कि वे लॉकडाउन की परिस्थितियों में ऑनलाइन कोर्स मैटीरियल को प्रोत्साहित करें। विश्वविद्यालयों को वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक तकनीकि और विशेषज्ञ सहायता विकसित करने को भी कहा गया है।

कुलपतियों के साथ होगी वीसी

इस संबंध में जल्द ही सभी कुलपतियों के साथ एक वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की जाएगी। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश में किसानों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। किसानों की फसल खरीदने के लिए ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार सहित सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया जा चुके हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में रेडक्रॉस को कोरोना वायरस से जुड़ी परिस्थितियों के लिए सक्रिय होने के निर्देश दिये हैं। राज्यपाल ने राज्य रेडक्रॉस इकाई से अभी तक के कार्यों का विवरण और आगे की कार्ययोजना भी तलब की है। राज्यपाल ने बताया कि पिथौरागढ़ में 957 नेपाली नागरिकों के लिए पांच कैंपों के जरिए खाने-रहने की व्यवस्था की गई है। आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले वाहनों को रोका न जाए इसके निर्देश भी दिए गए हैं।

अबतक दस मामले आए हैं सामने

राज्यपाल ने बताया कि राज्य में अभी तक 10 पॉजिटिव कोविड-19 के मामले आए हैं, जिसमें से दो व्यक्ति पूरी तरह ठीक भी हो चुके हैं। बाहर से आने वालों को क्वारंटाइन किया गया है। राज्य में दो अप्रैल तक 8452 लोगों को घरों में और संस्थागत क्वारंटाइन किया गया है। तब्लीगी जमात के 245 लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा गया है। राजकीय चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेजों में 3,746 पीपीई किट के साथ ही 13864 एन 95 मास्क उपलब्ध है। आइसीयू, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडरों आदि की मौजूदा स्थिति और भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

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