Sunday, March 8, 2026
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उत्तराखंड सरकार संकट में : सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत तीन कैबिनेट मंत्री गए सेल्फ क्वारंटीन में, महाराज के संक्रमित होने के बाद लिया फैसला

देहरादून : उत्तराखंड के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज, उनके परिवार और स्टाफ के 22 लोगों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद से ही प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत तीन कैबिनेट मंत्री सेल्फ क्वारंटीन में चले गए हैं। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने इसकी पुष्टि की है।

लोग प्रदेश सरकार के ये हाल देख हैरान परेशान हैं। सकते में हैं सतपाल महाराज और उनकी मंत्री रही श्रीमती के गैरजिम्मेदारान व्यवहार से। दूसरों को सुबह-साम ‘प्रवचनों का काढ़ा’ पिलाने वाले महाराज-महारानी दोनों इतने लापरवाह निकले कि प्रदेश की पूरी सरकार को ही मुसीबत में धकेल दिया, जबकि इस समय प्रदेश कोरोना संकट के सब से बुरे दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में सरकार के ये हाल प्रदेश को किस दशा में पहुंचाएंगे, कल्पना मात्र से ही सिहरन होने लगी है।

दरअसल, संक्रमण की पुष्टि होने से पहले कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज बीते शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल हुए थे। बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत सभी कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और शासन के अन्य उच्च अधिकारी मौजूद थे। अब अगर सभी मंत्री व इनके सम्पर्क में आये अफसर, छोटे-बढे कर्मचारी अधिकारी भी चपेट में आ गए तो?

ऐसे में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सुबोध उनियाल और हरक सिंह रावत ने सेल्फ क्वारंटीन में जाने का निर्णय लिया है।

सीएम ने सभी बैठकें की निरस्त

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एहतियात बरतते हुए सभी बैठकें निरस्त कर दी हैं। हालांकि अभी अन्य कैबिनेट मंत्रियों को प्रशासन द्वारा क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से मांगे जाने पर गोपनीय विभाग ने पांच मंत्रियों समेत 15 से 20 लोगों के नाम दे दिए हैं।

जिला प्रशासन ही इस पर निर्णय लेगा।

सचिव, स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए आईसीएमआर की ओर से जारी गाइडलाइन में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों की ट्रेसिंग की दो श्रेणी तय की गई है। इसमें ‘हाई रिस्क’ और ‘लो रिस्क’ श्रेणी शामिल है। अधिक रिस्क वाले संपर्क की दशा में 14 दिन का होम क्वारंटीन किया जाएगा और आईसीएमआर के प्रोटोकॉल के अनुसार सैंपल टेस्ट किए जाएंगे।

कम रिस्क वाले अपना कार्य पहले की तरह कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में भाग लेने वाले मंत्री और अधिकारी सतपाल महाराज के क्लोज कॉन्टेक्ट में न होने के कारण कम रिस्क वाली श्रेणी के तहत आते हैं। वे अपना कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं।

कैबिनेट मंत्री महाराज के गनर की रिपोर्ट भी पॉजिटिव, परिवार क्वारंटीन

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सोमवार को उनकी सुरक्षा में तैनात लांघा पसोली निवासी गनर की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। बीते 21 मई को गनर अपने परिजनों से मिलने के लिए गांव पहुंचा था।

एहतियात के तौर पर प्रशासन ने गनर के परिवार को भी संस्थागत क्वारंटीन कर दिया है। सभी की सैंपल को जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है। गनर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या आठ हो गई है।

साथ ही कुछ दिन पूर्व कैबिनेट मंत्री से मिलने उनके आवास पर गए मेदनीपुर गांव निवासी उनके अनुयायी को भी एक कमरे में होम क्वारंटीन किया गया है। उसके सैंपल को भी जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है।

कोतवाल सहसपुर राकेश गुसाईं ने बताया कि गनर परिवार के साथ दो दिन रुकने के बाद वापस लौट गया था। परिवार में करीब 12 सदस्य हैं। जिन्हें क्वारंटीन किया गया है। साथ ही उसके संपर्क में आने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। सभी के सैंपल को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा।

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