देहरादून। कासिगा स्कूल में खेल भावना, अनुशासन और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेल समारोह एवं वार्षिक फेट ‘फेस्टोरिया’ का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में विद्यार्थियों ने मार्च पास्ट, घुड़सवारी, एथलेटिक्स, रिले रेस, एरोबिक्स और जुम्बा जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। वहीं, वार्षिक फेट में लगे आकर्षक स्टॉल और मनोरंजक खेल आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन रमेश बत्ता ने मुख्य अतिथि एवं भारतीय खेल प्राधिकरण के सेवानिवृत्त उप महानिदेशक डॉ. संजय सारस्वत का स्वागत कर किया। इसके बाद मार्च पास्ट और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासन और एकजुटता का परिचय देते हुए शानदार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि ने गुब्बारे छोड़कर खेल प्रतियोगिताओं का औपचारिक शुभारंभ किया।
समारोह के दौरान ओवल मैदान में आर्मी, आईआरबी और विद्यालय के बैंड की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। घुड़सवारी का रोमांचक प्रदर्शन भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। इसके बाद विभिन्न आयु वर्गों के विद्यार्थियों के बीच 60 और 100 मीटर दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं, सीनियर बालक-बालिकाओं की 4×100 मीटर रिले दौड़ ने दर्शकों का खासा उत्साह बढ़ाया। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने सामूहिक एरोबिक्स और जुम्बा प्रस्तुति के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पदक देकर सम्मानित किया गया। मार्च पास्ट में उत्कृष्ट अनुशासन और एकरूपता के लिए पेसिफिक सदन को सम्मानित किया गया, जबकि बेस्ट एथलेटिक कप पर नाइल सदन ने कब्जा जमाया।
फेस्टोरिया में मनोरंजक गतिविधियों ने बांधा समां
खेल समारोह के साथ आयोजित वार्षिक फेट ‘फेस्टोरिया’ में विद्यार्थियों, अभिभावकों और आगंतुकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यहां विभिन्न मनोरंजक खेलों, रचनात्मक गतिविधियों और आकर्षक स्टॉलों की व्यवस्था की गई थी। लकी ड्रॉ, पॉटरी, डीजे संगीत, अंडरवॉटर कॉइन चैलेंज, फिन-टास्टिक फिशिंग, व्हील ऑफ फॉर्च्यून, बैलून स्टॉल, हूपला और कप स्टैकिंग जैसी गतिविधियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अलावा पुरुकुल स्त्री शक्ति, आर्टे हैंडमेड और स्पार्कल एंड ट्रीट के विशेष स्टॉल भी लगाए गए।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, खेल समारोह और फेस्टोरिया का संयुक्त आयोजन विद्यार्थियों में शारीरिक सक्रियता, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आयोजन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को एक साथ जोड़ते हुए उत्साह और सामूहिक सहभागिता का यादगार अवसर प्रदान किया।

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