Sunday, March 8, 2026
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कुमाऊं में बारिश से रास्ते बंद, उफनाए गदेरे में बही महिला, गुरुग्राम के पर्यटक की मौत

उत्तराखंड के कुमाऊं में बारिश जमकर कहर बरपा रही है। बारिश के चलते हुए हादसों में हरियाणा निवासी एक सैलानी की मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं चंपावत में मलबे की चपेट में आने से एक कार खाई में गिर गई, जिससे इसमें सवार परिवार के पांच लोग घायल हो गए। यहां मलबे के चपेटमें आने से एक कैंटर भी खाई में गिर गया। उधर, लोहाघाट में एक महिला उफान में आए गधेरे में बह गई। उसका कुछ पता नहीं चल पाया।नैनीताल-कालाढूंगी रोड पर मंगलवार को बूढ़ा पहाड़ के पास पहाड़ी से गिरे बोल्डर ने सैलानियों की कार को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कार सवार हैरिटेज सिटी एमजी रोड गुरुग्राम निवासी हनुमंत तलवार (55) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी मीना तलवार (55) बुरी तरह घायल हो गईं। महिला को प्राथमिक इलाज के बाद हल्द्वानी रेफर कर दिया। बोल्डर से कार के परखचे उड़ गए। कार सवारों को निकालने के लिए कार को मशीन से काटना पड़ा।

मूसलाधार बारिश से हुए भूस्खलन से तेज गति से आए पानी और मलबे की चपेट में आकर टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनलेख के पास खड़ी एक कार और एक कैंटर 30 फीट गहरी खाई में गिर गए।दुर्घटना में पिथौरागढ़ जिले के गुरना निवासी खीम सिंह (41),  प्रिया लाल (37) पत्नी खीम सिंह और उनके तीन बच्चे तनीसा (13), करन (11) और नायरा (2) घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल लाया गया। खाई में गिरे कैंटर में कोई नहीं था।इस जगह पर पहली बार भूस्खलन हुआ है। आगे सड़क बंद होने के कारण वाहनों को बनलेख के पास रोका गया था। मलबे के साथ अचानक आए पानी से बादल फटने की चर्चाओं को आपदा प्रबंधन विभाग ने खारिज किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (डीडीएमओ) मनोज पांडेय ने कहा कि पहाड़ी से भूस्खलन में एक साथ तेज वेग से सड़क पर पानी आया, जिसकी चपेट में आने से दो वाहन बहे। बाराकोट ब्लॉक के पाड़ासोंसेरा में उफान पर आए रुय्नी गधेरे में पाड़ासोंसेरा निवासी गीता देवी (35) बह गई है। ग्रामीण और राजस्व पुलिस महिला की तलाश में जुटी है। अभी महिला का कोई कुछ नहीं चल पाया है। उधर, बागेश्वर में आरे गांव के पास सरयू में छलांग लगाने वाली बुजुर्ग महिला गोपुली देवी (78) का मंगलवार को भी कुछ पता नहीं चल पाया।टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से सुबह आठ बजे से दिनभर आवाजाही ठप रही। एनएच पर मंगलवार को पांच जगह राजमार्ग बंद रहा। देर शाम तक धौन को छोड़ कर अन्य जगहों से मलबा हटा लिया गया था। इधर, धौन के पास कुछ जगह सड़क का एक हिस्सा टूट गया। चंपावत जिले में आठ ग्रामीण सड़कें बंद हैं।पहाड़ों में हुई बारिश से मंगलवार दोपहर बाद शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक पहुंच गया। इसके बाद यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने बैराज पर रेडअलर्ट कर वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी। नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने पर ही बैराज से वाहनों का संचालन शुरू हो सकेगा।सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण चीन सीमा को जोड़ने वाली दो और 13 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नाचनी मुनस्यारी सड़क नया बस्ती में 10 घंटे बंद रही। वहीं, मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में सोमवार की रात बारिश से पूर्णागिरि के सिद्धमोड़ में एक दुकान भूस्खलन से खाई में समा गई। हनुमान चट्टी में दरकी पहाड़ी का भारी-भरकम पत्थर नहीं हटाए जाने से मार्ग तीसरे दिन भी नहीं खुल पाया।नैनीताल में लगातार हो रही बारिश की वजह से आम जन-जीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त है। कई जगह से भूस्खलन की खबरें हैं जबकि कई सड़कों में पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ है। इससे यहां पहुंच रहे सैलानियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घंटों की बारिश के बाद नैनीझील के जलस्तर में भी साढ़े छह इंच का इजाफा हुआ है। अब झील का जलस्तर आठ फुट साढ़े चार इंच पहुंच गया है। नैनीताल के समीप बल्दियाखान कूण गांव के समीप जंगल में भूस्खलन हो गया। भूस्खलन का मलवा नीचे कूण गाँव में घरों तक पहुंच गया।

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