देहरादून: देहरादून में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में एक गरीब महिला की पीड़ा ने सभी को भावुक कर दिया। महिला चंदुल, जिनके पति दिव्यांग हैं और जो स्वयं बीमार रहते हुए भी घर-घर जाकर चौका-बर्तन कर अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं, ने जिलाधिकारी सविन बंसल से अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर मदद की गुहार लगाई।
चंदुल ने बताया कि उनके तीन बेटे – राहुल कुमार (कक्षा 7वीं), विकास (कक्षा 5वीं) और आकाश (कक्षा 3वीं) – पहले सरकारी स्कूल में पढ़ते थे, लेकिन बेहद कमजोर आर्थिक हालात के चलते उनकी पढ़ाई बाधित हो रही थी। महिला ने डीएम से आग्रह किया कि उनके बच्चों को किसी आवासीय विद्यालय में दाखिल कराया जाए, ताकि उनकी शिक्षा का क्रम निर्बाध रूप से जारी रह सके।
डीएम सविन बंसल ने तुरंत संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक टीम को सक्रियता से कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन ने चंदुल के बच्चों का दाखिला नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास में करा दिया। इसके अंतर्गत: राहुल कुमार (कक्षा-7) का दाखिला नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास, जस्सोवाला विकासनगर में कराया गया। विकास (कक्षा-5) व आकाश (कक्षा-3) का दाखिला नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास, कौलागढ़ में किया गया।
चंदुल के अनुसार, वह स्वयं बीमार रहती हैं और उनके पैरों में सूजन की समस्या रहती है, जिससे उन्हें काम करने में काफी कठिनाई होती है। उनके पति दिव्यांग हैं और कोई आय का स्रोत नहीं है। ऐसे समय में बच्चों की पढ़ाई को लेकर वे बेहद चिंतित थीं।
प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही से अब चंदुल के बच्चों को न केवल सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिलेगी, बल्कि उनके भविष्य को भी एक नई दिशा मिलेगी। जिला प्रशासन की इस मानवीय पहल से चंदुल और उनके परिवार के चेहरे पर सच्ची मुस्कान लौट आई है।

