देहरादून। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच से जुड़े सभी बिंदुओं को सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक प्रदेश सरकार के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शुरू से ही जांच को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि सीबीआई जांच के लिए किन-किन बिंदुओं पर संस्तुति भेजी गई है और उन्हें अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जांच के दायरे को सीमित कर दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। गोदियाल ने सवाल उठाया कि क्या किसी वीआईपी को बचाने की कोशिश की जा रही है और जांच का वास्तविक दायरा क्या है।
उन्होंने मांग की कि अंकिता के मित्र से जुड़े चैट सार्वजनिक किए जाएं, वीआईपी दबाव और यमकेश्वर विधायक व मुख्यमंत्री के बीच हुई फोन बातचीत को सामने लाया जाए। साथ ही सीबीआई यह भी जांच करे कि क्या इस मामले में सबूत मिटाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए कांग्रेस और अन्य सामाजिक संगठन आंदोलन के लिए मजबूर हैं और वीआईपी चेहरा बेनकाब होना चाहिए।
गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलनरत लोगों पर मुकदमे दर्ज कर दबाव बना रही है और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और अंकिता भंडारी के परिजनों को न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले तीन वर्षों से इस मामले की अनदेखी कर रही है।
इस अवसर पर कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि अंकिता प्रकरण में आंदोलन कर रहे लोगों की आवाज दबाने के लिए उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और धामी सरकार डरी हुई है।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, सुजाता पॉल, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

