Sunday, March 8, 2026
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परिवहन विभाग ने लर्निंग और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वालों को दी बड़ी राहत

देहरादून। लर्निंग और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वालों को परिवहन विभाग की ओर से नए साल में बड़ी राहत दी गई है। परिवहन विभाग ने लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस के स्लॉट बढ़ा दिए हैं। लर्निंग लाइसेंस के लिए रोजाना के स्लॉट 100 कर दिए गए हैं, जबकि परमानेंट लाइसेंस के लिए स्लॉट की संख्या 140 कर दी गई है। अभी तक लर्निंग लाइसेंस में 55 जबकि जबकि परमानेंट लाइसेंस को लेकर 40 स्लॉट दिए जा रहे थे। इससे न केवल बैकलॉग बढ़ रहा था, बल्कि आवेदकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

कोरोना के चलते पांच माह तक बंद रहा लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का काम 14 अगस्त से फिर शुरू किया गया था। पहले केवल तीन आवेदक ही इसके लिए कंप्यूटर पर परीक्षा दे रहे थे, जिसे बाद में बढ़ाकर दस कर दिया गया। हालांकि, केंद्र सरकार ने वैधता खत्म हो चुके सभी दस्तावेजों को अब 31 मार्च तक छूट दे दी गई है, लेकिन परिवहन विभाग अब बैकलॉग खत्म करने की कोशिश कर रहा। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने स्लॉट बढ़ाने का निर्णय लिया है। अभी आरटीओ दफ्तर में रोजाना पुराने बैकलॉग के 25 जबकि नए आवेदन वाले 30 लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा ली जा रही थी।

नए साल पर इनकी कुल संख्या बढ़ाकर 100 कर दी गई है। यानी इनमें से 75 नए आवेदकों के स्लॉट होंगे और 25 स्लॉट बैकलॉग के आवेदकों को मिलेंगे। इसी तरह आइडीटीआर में परमानेंट लाइसेंस के लिए अब तक रोजाना 40 लोग परीक्षा दे रहे थे, इसे भी अब बढ़ाकर 140 किया गया है। केंद्र की गाइड-लाइन के अनुसार जिन आवेदक के लर्निंग लाइसेंस की वैधता एक फरवरी 2020 के बाद खत्म हुई है, उन सभी को 31 मार्च 2021 से पहले यह दस्तावेज नवीनीकृत कराने हैं।

बता दें कि अनलॉक-1 में परिवहन विभाग ने 22 जून से सीमित कार्य शुरू किए थे। जिनमें पुराने डीएल में संशोधन, परमिट आवेदन, टैक्स जमा करने, फिटनेस और पंजीकरण आदि के कार्य शामिल थे। एक दिन में प्रत्येक कार्य के लिए 20-20 आवेदन ही स्वीकार किए जा रहे थे। फिर 20 जुलाई से परमानेंट डीएल का काम शुरू किया गया जबकि 14 अगस्त से लर्निंग लाइसेंस के टेस्ट खोले गए।

वर्तमान समय में परमानेंट डीएल के लिए पूरे स्लॉट फुल हैं और अभी नए स्लॉट बंद कर दिए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं, मगर परीक्षा के लिए स्लॉट नहीं मिल रहा। जिससे आवेदक परेशान हैं। एआरटीओ प्रशासन द्वारिका प्रसाद ने बताया कि पुराने बैकलॉग को खत्म करने व नए आवेदकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्लॉट को बढ़ाया गया है।

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