देहरादून– उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेषकर उत्तरकाशी और चमोली जिलों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां कई राष्ट्रीय राजमार्ग और आंतरिक मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी और देहरादून जिलों के लिए रेड अलर्ट, जबकि अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
उत्तरकाशी: कई जगहों पर मार्ग बाधित, स्यानाचट्टी से राहत की खबर
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डबरानी के पास मलबा आने से बंद है। वहीं यमुनोत्री हाईवे के झर्जर गाड़, जंगलचट्टी, बनास, नारदचट्टी, कल्याणी, हरेती और फेडी क्षेत्रों में भारी मलबा व पत्थर गिरने से रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। एनएच की टीमें मार्ग खोलने में जुटी हुई हैं।
हालांकि, चिंता का कारण बना स्याना चट्टी क्षेत्र से राहत भरी खबर सामने आई है। यमुना नदी पर बनी झील का जलस्तर घटने से प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन सुरक्षा कारणों से मोटर पुल पर आवाजाही बंद रखी गई है।
चमोली में बदरीनाथ हाईवे बाधित, कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कर्णप्रयाग के पास कमेड़ा में मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है। हाईवे को खोलने में 3–4 घंटे का समय लग सकता है। थराली, देवाल और आदिबद्री क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश हो रही है।
नदियों का बढ़ा जलस्तर, अलर्ट पर प्रशासन
लगातार बारिश के चलते पिंडर और अलकनंदा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आगामी कुछ घंटों में देहरादून और उत्तरकाशी जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है।
स्कूलों की छुट्टी, यातायात पर असर
सोमवार को बारिश के चलते गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के ज्यादातर जिलों में स्कूल बंद रखे गए, हालांकि देहरादून और हरिद्वार में स्कूल खुले रहे। वहीं बड़कोट–डामटा–विकासनगर, उत्तरकाशी–सुवाखोली–देहरादून, और उत्तरकाशी–लम्बगांव मार्ग यातायात के लिए खुले हैं।
मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

