रामनगर में वन ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat के नेतृत्व में पदयात्रा निकालकर प्रदर्शन किया गया। इस पदयात्रा में सैकड़ों वन ग्रामों के लोग शामिल हुए।
गुरुवार को सुंदरखाल, पुछड़ी सहित विभिन्न वन क्षेत्रों में रहने वाले लोग महाविद्यालय के बाहर एकत्रित हुए। यहां से Harish Rawat की मौजूदगी में और उपज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी के नेतृत्व में पदयात्रा शुरू हुई। पदयात्रा के दौरान रावत बाजार क्षेत्र में अपने पुराने परिचितों से भी आत्मीयता से मिलते रहे।
पदयात्रा लखनपुर, रानीखेत रोड और ब्लॉक कार्यालय होते हुए तहसील परिसर पहुंची, जहां यह सभा में बदल गई। सभा का संचालन संजय नेगी ने किया। इस दौरान वन ग्रामों के मनोनीत प्रधानों ने भी अपने विचार रखे और Anil Baluni पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने वन ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने का वादा किया था, लेकिन अब वह इसे भूल गए हैं।
सभा को संबोधित करते हुए Harish Rawat ने कहा कि यह पदयात्रा बड़े संघर्ष का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े बिल्डर्स के लिए सरकार के पास जमीन उपलब्ध है, जबकि वर्षों से बसे लोगों को अतिक्रमणकारी बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को यहां रह रहे लोगों को जमीन का मालिकाना हक देना चाहिए।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख मंजु नेगी, पुष्कर दुर्गापाल, ताइफ खान, एस. लाल, चनर राम और निशांत पपने सहित कई लोग मौजूद रहे।

